जेई और इंजीनियर के IT एक्ट मुकदमे में सुनवाई टली:CBI वकील के नहीं पहुंचने से जिरह नहीं हो सकी, 16 अक्टूबर को अगली तारीख
बांदा में गुरुवार को 33 नाबालिगों के यौन शोषण से जुड़े मामले में सजायाफ्ता निलंबित जेई रामभवन और दिल्ली निवासी इंजीनियर मो. आकिफ के खिलाफ चल रहे आईटी एक्ट के मुकदमे में सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। विशेष पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत में सुनवाई की तारीख तय थी, लेकिन सीबीआई के लोक अभियोजक धारा सिंह मीना के उपस्थित नहीं होने से न तो कोई नया गवाह पेश हुआ और न ही गवाहों से जिरह हो सकी। अदालत ने अब अगली सुनवाई के लिए 16 अक्टूबर की तारीख तय की है। कड़ी सुरक्षा में कोर्ट लाया गया रामभवन सुनवाई के दौरान निलंबित जेई रामभवन को जेल की बैरक नंबर 14-ए से कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया। वहीं, दिल्ली निवासी सह आरोपी इंजीनियर मो. आकिफ की ओर से हाजिरी माफी दाखिल की गई। 12 गवाहों को किया गया है मुकदमे में शामिल इस मामले में सीबीआई की ओर से कुल 12 गवाहों को मुकदमे में शामिल किया गया है। अब तक 4 गवाहों के बयान दर्ज होने के साथ उनसे जिरह की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। पिछली सुनवाइयों में सीबीआई की ओर से अलग-अलग गवाह अदालत में पेश किए गए थे। 10 सितंबर को दो गवाह हुए थे पेश 10 सितंबर की सुनवाई में सहायक अनुसंधान अधिकारी महिला आयोग सौरभ अग्रवाल और दिल्ली की वोडाफोन कंपनी के नोडल अधिकारी सौरभ सिंह को गवाह के तौर पर पेश किया गया था। उस दौरान अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण सिर्फ गवाहों के बयान दर्ज हो सके थे और जिरह टाल दी गई थी। मोबाइल और वोडाफोन कनेक्शन से जुड़े सवाल पूछे गए बाद की सुनवाई में दोनों आरोपियों के अधिवक्ताओं ने गवाहों से जिरह की। बचाव पक्ष ने खास तौर पर उस मोबाइल और वोडाफोन कनेक्शन से जुड़े सवाल किए, जिसके इस्तेमाल का संबंध यौन शोषण के मामले की जांच से सामने आया था। घटनाक्रम और जांच से जुड़े अन्य बिंदुओं पर भी गवाहों से सवाल किए गए। लोक अभियोजक के नहीं पहुंचने से नहीं बढ़ी कार्रवाई गुरुवार को सीबीआई की ओर से कोई नया गवाह पेश नहीं किया गया। बताया गया कि सीबीआई के लोक अभियोजक दूसरे मामले में व्यस्त होने के कारण अदालत में उपस्थित नहीं हो सके। वहीं, मामले के पैरोकार विजय सिंह भी अपनी मां की तबीयत खराब होने के कारण कोर्ट में पेश नहीं हुए। दिल्ली में 31 अक्टूबर 2020 को दर्ज हुआ था मुकदमा सीबीआई की जांच में नाबालिगों के यौन शोषण के मामले में इस संबंध में सजायाफ्ता निलंबित जेई रामभवन और सह आरोपी इंजीनियर मो. आकिफ के खिलाफ आईटी एक्ट और संगठित साजिश से जुड़े आरोप सामने आए थे। दिल्ली में 31 अक्टूबर 2020 को मुकदमा दर्ज किया गया था। वर्ष 2021 में आरोप तय होने के बाद से विशेष न्यायालय में मामले की सुनवाई चल रही है। अब 16 अक्टूबर को सीबीआई की ओर से नए गवाह पेश किए जाने की संभावना है।
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