लॉकडाउन जैसे हालात फिर लौटेंगे, 21 जून को कानपुर सेंट्रल से नहीं चलेगी एक भी ट्रेन

21 जून 2026 को कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन 24 घंटे के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। इंटरलॉकिंग कार्य के चलते ट्रेनों को गोविंदपुरी और चंदारी स्टेशन से डायवर्ट किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर।

लॉकडाउन जैसे हालात फिर लौटेंगे, 21 जून को कानपुर सेंट्रल से नहीं चलेगी एक भी ट्रेन

दि राइजिंग न्यूज़ | कानपुर | 28 मई 2026

उत्तर प्रदेश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में शामिल कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर 21 जून 2026 को इतिहास दोहराया जाएगा। करीब 6 साल बाद एक बार फिर ऐसा दिन आने वाला है जब पूरे 24 घंटे तक स्टेशन से एक भी ट्रेन नहीं चलेगी। रेलवे प्रशासन ने इंटरलॉकिंग कार्य के चलते इस बड़े फैसले की तैयारी शुरू कर दी है। कोरोना लॉकडाउन के दौरान कानपुर सेंट्रल पर पहली बार सन्नाटा पसरा था, लेकिन अब तकनीकी अपग्रेडेशन के कारण वही नजारा फिर देखने को मिलेगा। रेलवे बोर्ड से अनुमति मिलने के बाद 21 जून को सुबह से अगले 24 घंटे तक स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रखने की योजना बनाई गई है।


आखिर क्यों बंद रहेगा कानपुर सेंट्रल

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर आधुनिक कंप्यूटर आधारित सिग्नल प्रणाली लागू करने के लिए इंटरलॉकिंग का बड़ा कार्य किया जाएगा। इसके तहत स्टेशन की मौजूदा इलेक्ट्रिक सिग्नल व्यवस्था को हाईटेक डिजिटल सिस्टम में बदला जाएगा। रेलवे का दावा है कि इस नई तकनीक के लागू होने के बाद सिग्नल फेल जैसी समस्याओं से काफी हद तक छुटकारा मिल जाएगा और ट्रेनों का संचालन पहले से अधिक सुरक्षित और तेज होगा।


11 जून से शुरू होगा बड़ा काम

सूत्रों के मुताबिक 11 जून से 20 जून तक प्री और नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य किया जाएगा। इसके बाद 21 जून को मुख्य इंटरलॉकिंग प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसी वजह से पूरे स्टेशन को 24 घंटे के लिए बंद करना जरूरी माना गया है। रेलवे प्रशासन ने इसके लिए रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही आधिकारिक शेड्यूल जारी किया जाएगा।


किन स्टेशनों से चलेंगी ट्रेनें

कानपुर सेंट्रल बंद रहने के दौरान ट्रेनों को वैकल्पिक स्टेशनों से संचालित किया जाएगा।

रेलवे की प्रारंभिक योजना के अनुसार:

  • दिल्ली-हावड़ा रूट की ट्रेनें गोविंदपुरी और चंदारी स्टेशन से चलाई जाएंगी।
  • दिल्ली से लखनऊ जाने वाली कई ट्रेनें गाजियाबाद-मुरादाबाद रूट से डायवर्ट की जा सकती हैं।
  • कुछ ट्रेनों को रद्द या आंशिक रूप से समाप्त भी किया जा सकता है।

हालांकि रेलवे प्रशासन ने अभी अंतिम सूची जारी नहीं की है।


रोजाना 300 ट्रेनें और डेढ़ लाख यात्री प्रभावित

कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन देश के सबसे महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शनों में गिना जाता है। यहां से रोजाना करीब 300 ट्रेनें गुजरती हैं और एक से डेढ़ लाख तक यात्री सफर करते हैं। यह स्टेशन दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग, लखनऊ रूट, झांसी-मुंबई लाइन और बुंदेलखंड क्षेत्र को जोड़ने वाला प्रमुख केंद्र है। ऐसे में 24 घंटे स्टेशन बंद रहने का असर हजारों यात्रियों पर पड़ सकता है।


यात्रियों को हो सकती है भारी परेशानी

रेलवे की इस योजना से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। खासकर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को ट्रेन बदलने, रूट डायवर्जन और स्टेशन परिवर्तन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर रेलवे से पहले से स्पष्ट जानकारी और वैकल्पिक व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। कानपुर सेंट्रल का 24 घंटे बंद होना सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे के बड़े डिजिटल ट्रांजिशन की तस्वीर भी है। हालांकि रेलवे इसे भविष्य की सुविधा बता रहा है, लेकिन सवाल यह भी है कि क्या यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए पर्याप्त तैयारी की गई है एक ऐसा स्टेशन जहां रोज लाखों लोगों की आवाजाही होती है, वहां 24 घंटे का ब्रेक रेलवे व्यवस्था की बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है।