लेखपाल ने पहले जाति पूछी, फिर बोले- SCST केस लगाओ:जमीन की पैमाइश करने गई थी टीम; SDM ने कहा- यह गलत, जांच कर कार्रवाई करेंगे
हरदोई में जमीन की पैमाइश के दौरान लेखपाल ने ब्राह्मण समाज के युवक को एससी-एसटी एक्ट लगाने की धमकी दी। लेखपाल ने पहले युवक से जाति पूछी। खुद को पांडेय और विरोधी को पासी समाज का बताने पर लेखपाल ने कहा- ले चलो इसको, लगाओ इस पर एससी वाला केस। वीडियो 27 सितंबर का बताया जा रहा। बुधवार शाम 4 बजे सामने आया। वीडियो सामने आने के बाद एसडीएम सदर मयंक कुंडू ने तहसीलदार सदर सचिन्द्र शुक्ला को जांच सौंपी है। दो दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। मामला टड़ियावां थाना क्षेत्र का है। पट्टे की जमीन की पैमाइश के लिए पहुंची थी राजस्व टीम सखौरा गांव के मजरा बेहटी में अनुसूचित जाति के रामसागर पासी ने पट्टे में मिली जमीन पर कब्जे और पैमाइश के लिए तहसील में आवेदन किया था। तीन दिन पहले 27 सितंबर को नायब तहसीलदार के साथ राजस्व टीम मौके पर पहुंची। टीम में सखौरा क्षेत्र के लेखपाल कौशल यादव, दूसरे इलाके लेखपाल आलोक त्रिपाठी शामिल थे। गौरव पांडे ने पूरी जमीन की पैमाइश की मांग की पैमाइश के दौरान संतोष कुमार पांडे के बेटे गौरव पांडे ने जमीन पर अपना दावा बताया और पूरी भूमि की पैमाइश कराने की मांग की। गौरव के मुताबिक करीब 30 साल पहले उनके बाबा गया प्रसाद पांडे के नाम 3-4 बीघा सरकारी जमीन का पट्टा हुआ था। परिवार का दावा है कि तभी से वह जमीन पर खेती करता आ रहा है। एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी का आरोप गौरव का आरोप है कि पैमाइश के दौरान लेखपाल आलोक त्रिपाठी ने उससे जाति पूछी। उसके ब्राह्मण होने की जानकारी देने के बाद दूसरे पक्ष की जाति पूछी। रामसागर के अनुसूचित जाति का होने पर लेखपाल ने एससी-एसटी एक्ट लगाने की धमकी दी। इसका वीडियो भी सामने आया है। इसमें लेखपाल पहले गौरव से उसकी जाति पूछते हैं। लेखपाल कहते हैं कौन जाति के हो। जवाब मिलता है पांडेय। लेखपाल पूछते हैं वो कौन जाति का है, जवाब मिलता है पासी। इतना सुनते ही लेखपाल कहते हैं…ले चलो, इस पर SCST वाला लगवाओ। वीडियो सामने आने पर एसडीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। एसडीएम बोले- टिप्पणी गलत थी, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई एसडीएम मयंक कुंडू ने बताया- राजस्व टीम भूमि विवाद और पैमाइश के लिए गई थी। दोनों पक्षों की जमीन के क्षेत्रफल में ओवरलैपिंग मिली। कहा- एससी-एसटी एक्ट को लेकर की गई टिप्पणी गलत थी। तहसीलदार सदर को 2 दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। लेखपाल ने धमकी देने से किया इनकार वहीं लेखपाल आलोक त्रिपाठी ने धमकी देने के आरोप से इनकार किया है। उन्होंने वीडियो को तोड़-मरोड़कर पेश किए जाने की बात कही है। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही मामले की स्थिति और जिम्मेदारी स्पष्ट होगी। ----------------------- ये खबर भी पढ़िए- हाईकोर्ट जज बोले- कॉलेज में पहली बार सिगरेट पी:फिर छोड़ नहीं पाया; हुक्का बार की याचिका खारिज की, कविता लिखी- मेरी गलती मत दोहराना इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने मंगलवार को हुक्का बार चलाने की याचिकाएं खारिज कर दीं। कोर्ट ने कहा, यूपी में अब होटल, रेस्टोरेंट, कैफे और दूसरे सार्वजनिक स्थानों के तय स्मोकिंग जोन में भी ग्राहकों को हुक्का नहीं दिया जा सकेगा। जस्टिस शेखर ने अपने फैसले में एक कविता भी लिखी। पूरी खबर पढ़िए
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)