लखनऊ में ANM कर्मियों का प्रदर्शन:परमानेंट करने कि मांग पर अड़ी, सरकार पर शोषण का आरोप लगाया
लखनऊ में सोमवार को संविदा और आउटसोर्सिंग महिला ANM कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया । हजरतगंज स्थित बीएन सिंह कि प्रतिमा पर जमा होकर नारेबाजी किया। ANM कर्मियों ने सरकार के ऊपर शोषण करने का आरोप लगाया। बताया कि विगत 6 दिनों से लगातार लखनऊ में प्रदर्शन कर रही हैं मगर सुनवाई नहीं हो रही है। इससे पहले भी दर्जनों बार डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से मिलकर ज्ञापन दे चुके हैं। प्रदेश भर से संविदाकर्मी शामिल प्रदर्शन कर रही पूनम ने बताया कि उत्तर प्रदेश NHM-ANM कर्मचारी, यूनियन संबद्ध ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (ऐक्टू) के आह्वान पर स्थायीकरण, समान कार्य-समान वेतन लागू किए जाने की मांग कर रहे हैं। बताया कि हम लोगों से 12 हजार रुपए प्रति माह में काम लिया जा रहा है जब कि समान काम करने वाली परमानेंट ANM को इसी काम के ₹50 हजार प्रति माह मिलते हैं। एक दिहाड़ी मजदूर के बराबर भी हमें पैसे नहीं मिलते है। 14 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं मगर पिछले 2 सालों में एक रुपया भी नहीं बढ़ा। जबकि इन वर्षों में महंगाई कहां से कहां पहुंच गई ये किसी से छुपा नहीं है। ANM संविदाकर्मियों कि प्रमुख मांगें सभी संविदा ANM कर्मियों को स्थायी किया जाए।समान काम-समान वेतन लागू किया जाए। गृह जनपद में तैनाती दी जाए। स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाए।ANM कर्मियों की मोलेस्टेशन से जुड़ी शिकायतों के निराकरण के लिए वर्क प्लेस पर विशाखा कमेटी का गठन हो। EPF अंशदान को नियमित तरीके से सभी कर्मियों के नाम से जमा कराया जाए। महिला कर्मियों ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं हो जाएगी या आंदोलन रुकने वाला नहीं है। अगर सरकार ने समय रहते फैसला नहीं लिया तो 2027 में इसका नतीजा भुगतना पड़ेगा।
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