लखनऊ में बारिश के बीच गणेश उत्सव का समापन:झूलेलाल वाटिका में हुआ भू-विसर्जन, 2 लाख चिट्ठियां भी गईं साथ
लखनऊ में तेज बारिश के कारण झूलेलाल वाटिका में चल रहे गणेश उत्सव की शोभायात्रा को संक्षिप्त कर दिया गया। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर ही भगवान गणेश की प्रतिमा का भू-विसर्जन किया गया। श्री गणेश प्राकट्य कमेटी की ओर से 10 दिनों से आयोजित गणेशोत्सव का शुक्रवार को विधि-विधान से समापन हुआ। विसर्जन से पहले पंडाल में आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कराई। कमेटी के पदाधिकारी, सदस्य और कार्यकर्ता परिवार के साथ इसमें शामिल हुए। इसके बाद प्रतिमा को रथ पर विराजमान किया गया। श्रद्धालुओं ने ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारे लगाए। कमेटी के संरक्षक भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि गोमती नदी को प्रदूषण से बचाने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से भू-विसर्जन किया गया। इसके लिए 25 फीट चौड़ा और 15 फीट गहरा गड्ढा खोदकर उसमें गोमती का पानी भरा गया। क्रेन की मदद से प्रतिमा को जलाशय में स्थापित कर वैदिक रीति-रिवाज से विसर्जित किया गया। बप्पा के साथ 2 लाख चिट्ठियां भी विसर्जित भारत भूषण गुप्ता और घनश्याम अग्रवाल ‘गुड्डा’ ने बताया कि उत्सव के दौरान भक्तों ने ‘मनौतियों के राजा’ श्री गजानन के चरणों में करीब 2 लाख चिट्ठियां लिखीं। इन पत्रों में भक्तों ने अपनी मनोकामनाएं लिखी थीं। सभी चिट्ठियों को प्रतिमा के साथ विसर्जित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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