लखनऊ में लगा 23 वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला:डिप्टी सीएम ने किया उद्घाटन, 50 से अधिक प्रकाशकों ने लिया हिस्सा, ब्रजेश पाठक बोले -किताबें सबसे अच्छी दोस्त
लखनऊ में गुरुवार को बलरामपुर गार्डन में 11 दिवसीय 23 वें राष्ट्रीय पुस्तक मेला उद्घाटन हुआ। । इस बार पुस्तक मेला ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने की थीम को समर्पित है । मेले का उद्घाटन डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किया । मेले में साहित्यिक, सांस्कृतिक और बाल गतिविधियों के साथ विभिन्न प्रतियोगिताएं भी होंगी। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि किताबें ही सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। लोग यह समझते हैं की किताबें सिर्फ बच्चों के लिए जरूरी है ऐसा नहीं है, हर उम्र के लोगों को किताबें पढ़ना चाहिए। यह किताबें हमें जिंदगी जीने का तरीका सिखाती है। समाज में समय-समय पर होने वाले बदलाव और समय के साथ चलना हम किताबों से ही सीखते हैं। इसलिए हम सभी अभिभावकों से कहेंगे कि वह जहां भी पुस्तक मेला लगे खुद भी पहुंचे और अपने बच्चों को ले जाएं। किताबें पढ़ने का सबसे बड़ा लाभ यह है की बुद्धि का विकास होता है और मोबाइल से दूरी बनाने का मौका मिलता है। ढाई दशक से लग रहा है मेला मेला संयोजक मनोज सिंह चंदेल ने कहा कि करीब ढाई दशक पहले शुरू हुआ यह प्रयास अब शहर में पुस्तक मेलों की परंपरा बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह केवल किताबों की बिक्री का आयोजन नहीं, बल्कि ज्ञान और संस्कृति का उत्सव है। देशभर के प्रकाशनों को एक जगह लाकर अलग-अलग आयु और रुचि के पाठकों के लिए पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। पाठकों को मिलेगी विशेष छूट आकर्ष चंदेल ने बताया कि करीब 75 हजार वर्गफीट क्षेत्र में लगने वाले मेले में 50 से अधिक प्रतिष्ठित प्रकाशकों के 120 से ज्यादा स्टॉल होंगे। यहां हिंदी, अंग्रेजी और अन्य भारतीय भाषाओं के साहित्य, शैक्षणिक पुस्तकें, बाल साहित्य और दुर्लभ पुस्तकों की बड़ी श्रृंखला उपलब्ध होगी। प्रवेश निशुल्क रहेगा। मेला रोज सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक चलेगा और खरीदी गई प्रत्येक पुस्तक पर कम से कम 10 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
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