लखनऊ गैंगरेप कांड; 18 सिम कार्ड, 50 हजार का इनाम... फिर भी पुलिस की पकड़ से दूर आरोपी!
लखनऊ छात्रा गैंगरेप कांड में फरार आरोपी शिवम और शनि लगातार सिम कार्ड बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि दोनों अब तक 18 सिम कार्ड बदल चुके हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान शुरू
दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 27 मई 2026
राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में सामने आए चर्चित छात्रा गैंगरेप कांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद मामले के मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। जांच में सामने आया है कि फरार आरोपी शिवम और शनि गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने मोबाइल नंबर बदल रहे हैं और तकनीकी निगरानी से बचने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने अब तक करीब 18 सिम कार्ड बदल डाले हैं। इसी वजह से उनकी सटीक लोकेशन ट्रेस करने में पुलिस को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।
कैसे पुलिस को चकमा दे रहे हैं आरोपी
जांच में पता चला है कि आरोपी एक ही मोबाइल नंबर का लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। वे बार-बार सिम कार्ड बदल रहे हैं और अलग-अलग इलाकों से संपर्क साध रहे हैं। इससे पुलिस की तकनीकी टीम को लोकेशन ट्रैक करने में परेशानी हो रही है। सूत्रों का कहना है कि आरोपी अपने परिचितों और रिश्तेदारों के नाम पर लिए गए मोबाइल नंबरों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यही वजह है कि पुलिस केवल मोबाइल ट्रैकिंग पर निर्भर न रहकर अन्य तकनीकी और मानव खुफिया स्रोतों का भी सहारा ले रही है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, पीड़िता प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाली छात्रा है। आरोप है कि उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। घटना सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और कई संदिग्धों की पहचान की। इस घटना ने प्रदेशभर में महिला सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की है।
आरोपियों की तलाश में कई टीमें सक्रिय
लखनऊ पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई विशेष टीमें गठित की हैं। पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इसके अलावा आरोपियों के दोस्तों, रिश्तेदारों और परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों, बैंकिंग लेनदेन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
25-25 हजार रुपये का इनाम क्यों घोषित किया गया
लगातार फरारी और जांच में बाधा उत्पन्न करने की कोशिशों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस का मानना है कि इनाम घोषित होने के बाद आम लोगों से भी महत्वपूर्ण सूचनाएं मिल सकती हैं, जिससे आरोपियों की गिरफ्तारी आसान हो सकती है।
महिला सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि महिला सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल बन गया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और आरोपियों को शीघ्र सजा मिलना जरूरी है, ताकि समाज में कानून का भय बना रहे।
पुलिस की जांच किस दिशा में बढ़ रही है
पुलिस फिलहाल हर संभावित सुराग पर काम कर रही है। तकनीकी टीम आरोपियों की डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण कर रही है, जबकि फील्ड टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का दावा है कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि जब तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आते, तब तक मामले से जुड़े कई सवालों के जवाब अधूरे रहेंगे।
सबसे बड़ा सवाल
- आखिर आरोपी इतने दिनों से पुलिस की पकड़ से बाहर कैसे हैं?
- 18 सिम कार्ड बदलने के बावजूद क्या कोई मजबूत तकनीकी सुराग मिला है?
- क्या आरोपियों को किसी नेटवर्क या सहयोगियों की मदद मिल रही है?
- पीड़िता को न्याय कब मिलेगा?
इन सवालों के जवाब अब पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आएंगे।