MP के पूर्व सीएम की 26 बीघा की जमीन हड़पी:बिजनौर में फर्जी वसीयत-मृत्यु प्रमाण पत्र से कब्जा; 2 गिरफ्तार, बाकी आरोपियों की तलाश

Oct 02, 2026 - 08:47
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MP के पूर्व सीएम की 26 बीघा की जमीन हड़पी:बिजनौर में फर्जी वसीयत-मृत्यु प्रमाण पत्र से कब्जा; 2 गिरफ्तार, बाकी आरोपियों की तलाश
बिजनौर में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पिता की जमीन हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि नजीबाबाद के अमीखानपुर गांव में उनके पिता स्व. महेंद्रनाथ की 90 बीघा जमीन में से 26 बीघा पर फर्जी वसीयत और मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर कब्जा कर लिया गया। कमलनाथ की शिकायत पर नजीबाबाद थाने में केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने गुरुवार को मामले में धर्मपाल सिंह और विजय शंकर को गिरफ्तार कर लिया। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। 1998 की फर्जी वसीयत, 2003 का मृत्यु प्रमाण पत्र कमलनाथ ने FIR में बताया कि उनके पिता महेंद्रनाथ की नजीबाबाद तहसील के अमीखानपुर गांव में 90 बीघा जमीन है। आरोपियों ने 10 अक्टूबर 1998 की एक वसीयत तैयार की। यह वसीयत रजिस्ट्रार के यहां पंजीकृत नहीं थी। इसके अलावा महेंद्रनाथ का 10 अप्रैल 2003 को नजीबाबाद से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराया गया। जबकि कमलनाथ के मुताबिक उनके पिता की मृत्यु 7 सितंबर 2004 को दिल्ली के एस्कार्ट अस्पताल में हुई थी। पुलिस के मुताबिक, इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर 26 बीघा जमीन पर कब्जा किया गया। बाकी जमीन के संबंध में भी जांच की जा रही है। विरासत दर्ज कराने के आवेदन से खुला मामला कमलनाथ ने 18 मई 2026 को जमीन पर विरासत दर्ज कराने के लिए नजीबाबाद तहसीलदार के यहां आवेदन किया था। इस पर लेखपाल ने जमीन को विवादित बताते हुए रिपोर्ट भेजी। इसके बाद कमलनाथ को पता चला कि जमीन को लेकर नजीबाबाद कोर्ट में धर्मपाल बनाम ग्राम सभा वाद चल रहा है। इसी मामले में धर्मपाल सिंह की ओर से महेंद्रनाथ के नाम की कथित वसीयत दाखिल की गई थी। कमलनाथ ने इसके बाद मामले की जानकारी जुटाई और पुलिस से शिकायत की। इन लोगों पर दर्ज हुआ केस कमलनाथ की शिकायत पर नजीबाबाद पुलिस ने नजीबाबाद के अमीखानपुर निवासी जसविंदर ढिल्लो, श्यामली मोहल्ला निवासी विजय शंकर, मूल रूप से देवरिया जिले के बरठी गांव निवासी, महावतपुर बिल्लौच निवासी धर्मपाल सिंह और लेखपाल डेविड के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने धर्मपाल सिंह और विजय शंकर को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। जमीन लंबे समय से बटाई पर थी पुलिस के मुताबिक, महेंद्रनाथ ने यह जमीन खरीदी थी और करीब तीन दशक से जमीन बटाई पर दी गई थी। जमीन दूर क्षेत्र में होने और लंबे समय तक परिवार की ओर से वहां नहीं जाने का आरोपियों ने फायदा उठाया। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री के पिता ने जमीन बटाई पर दे रखी थी। लंबे समय तक कोई जमीन देखने नहीं आया। इसी का फायदा उठाकर आरोपियों ने जमीन पर कब्जे की कोशिश की। लेखपाल की भूमिका भी जांच के घेरे में FIR में नामजद लेखपाल डेविड की भूमिका की भी जांच की जा रही है। बताया गया है कि बुधवार को वह नजीबाबाद तहसील से रिलीव होकर धामपुर तहसील स्थानांतरित हो गया। पुलिस के अनुसार, लेखपाल ने तहसील में धर्मपाल का जमीन पर कब्जा होने की बात कही थी। यह भी सामने आया है कि करीब तीन साल पहले एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल को रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। पुलिस इस मामले में उसकी भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस को फर्जी तरीके से प्रमाण पत्र बनवाने का शक पुलिस को जांच में यह भी पता चला है कि महेंद्रनाथ का मृत्यु प्रमाण पत्र कथित तौर पर प्रिंटिंग प्रेस से तैयार कराया गया था। पुलिस पूरे मामले में शामिल लोगों और दस्तावेज तैयार कराने वाले नेटवर्क की जांच कर रही है। धर्मपाल के खिलाफ पहले से दो मुकदमे दर्ज होने की बात भी सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इसी तरीके से किसी अन्य व्यक्ति की जमीन पर भी कब्जा तो नहीं किया गया। जमीन कब्जा मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि मामले में धर्मपाल सिंह और विजय शंकर को गिरफ्तार किया गया है। पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि जमीन को पूरी तरह कब्जा मुक्त कराकर कमलनाथ को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। कमलनाथ ने मोबाइल पर SP को दी जानकारी पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई से मोबाइल फोन पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा की थी। इसके बाद उन्होंने वाट्सऐप और ईमेल के माध्यम से पुलिस को तहरीर भेजी थी। इसी शिकायत के आधार पर नजीबाबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।

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