मुजफ्फरनगर में अंकित हत्याकांड में पति-पत्नी को उम्रकैद:कोर्ट ने 50-50 हजार रुपए का लगाया जुर्माना, प्रेमी को घर बुलाकर की थी हत्या

Sep 30, 2026 - 21:05
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मुजफ्फरनगर में अंकित हत्याकांड में पति-पत्नी को उम्रकैद:कोर्ट ने 50-50 हजार रुपए का लगाया जुर्माना, प्रेमी को घर बुलाकर की थी हत्या
मुजफ्फरनगर में अंकित हत्याकांड में विशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट ने बुधवार को पति-पत्नी को उम्रकैद की सजा सुनाई। पीठासीन अधिकारी डॉ. विजय कुमार की अदालत ने मीनाक्षी और उसके पति सोनू को हत्या का दोषी माना। दोनों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। इस तरह दोनों पर कुल एक लाख रुपए का अर्थदंड हुआ। मामला खतौली क्षेत्र के जसौला गांव का है। मीनाक्षी के घर पहुंचा था अंकित मामला 7 जनवरी 2024 का है। अभियोजन के अनुसार, जसौला निवासी रणवीर सिंह का 21 वर्षीय बेटा अंकित शाम के समय घर से निकला था। बाद में वह गांव की रहने वाली मीनाक्षी के घर पहुंचा। अंकित के मीनाक्षी के घर होने की जानकारी मिलने पर उसके पिता रणवीर सिंह और बड़ा भाई लवकुश उसकी तलाश करते हुए वहां पहुंचे। काफी आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। घर के अंदर घायल हालत में मिला था युवक पुलिस की मौजूदगी में घर का दरवाजा खुलवाया गया तो अंकित अंदर बेसुध हालत में मिला। उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। पुलिस ने उसे इलाज के लिए भेजा, लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। जांच के दौरान अंकित और मीनाक्षी के बीच प्रेम संबंध होने की बात सामने आई। अभियोजन के मुताबिक, मीनाक्षी अपने पति सोनू के साथ रहना चाहती थी। इसी वजह से अंकित को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। बंधक बनाकर मारपीट का आरोप अभियोजन के अनुसार, अंकित को मीनाक्षी के घर बुलाने के बाद बंधक बनाया गया और उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि मीनाक्षी और सोनू ने डंडों से अंकित की पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के तीन दिन बाद पुलिस ने मीनाक्षी और सोनू को गिरफ्तार कर लिया। विवेचना पूरी होने के बाद दोनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट में हुई। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार त्यागी ने पैरवी की। अभियोजन की ओर से कुल सात गवाह अदालत में पेश किए गए, जिनमें मृतक के पिता रणवीर सिंह और भाई लवकुश भी शामिल थे। गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों पर सुनवाई के बाद अदालत ने मीनाक्षी और सोनू को हत्या का दोषी माना। बुधवार को दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। 7 जनवरी 2024 को हुई हत्या के करीब दो साल आठ माह 23 दिन बाद अदालत का फैसला आया। फैसला सुनाए जाने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।

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