मुजफ्फरनगर में सरकारी जमीन से कब्जा हटाने के दौरान विवाद:लेखपाल, प्रधान और पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप; SSP से जांच की मांग
मुजफ्फरनगर में सरकारी जमीन से कब्जा हटाने की कार्रवाई के दौरान हुए विवाद में गुरुवार को नया मोड़ आ गया। गुरुवार को प्रशासनिक टीम के साथ अभद्रता और लेखपाल से मारपीट के आरोपों के बाद गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे दूसरे पक्ष की महिला प्रमिला अपनी बेटी शिवानी के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने प्रशासनिक टीम, लेखपाल, ग्राम प्रधान और पुलिस पर मारपीट, दुर्व्यवहार और तोड़फोड़ के आरोप लगाए। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामला तितावी थाना क्षेत्र के धौलरा गांव का है। सरकारी जमीन पर दीवार बनाने की सूचना पर पहुंची थी टीम बुधवार को धौलरा गांव में अन्नपूर्णा भवन के लिए प्रस्तावित सरकारी जमीन पर रातोंरात दीवार खड़ी किए जाने की सूचना मिली थी। इस पर नायब तहसीलदार रिजवान अली और लेखपाल मनीष प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। निर्माण हटाने की कार्रवाई के दौरान विवाद हो गया। प्रशासनिक टीम की ओर से लेखपाल के साथ मारपीट और अभद्रता की शिकायत की गई थी। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर कार्रवाई शुरू की थी। नायब तहसीलदार की ओर से भी पुलिस को तहरीर दी गई थी। 600 गज जमीन खरीदने का दावा, रास्ते को लेकर विवाद गुरुवार को एसएसपी कार्यालय पहुंची प्रमिला और उनकी बेटी शिवानी ने बताया कि उन्होंने बैनामे के जरिए करीब 600 गज जमीन खरीदी है। परिवार का आरोप है कि उनकी जमीन से सटी खसरा संख्या 146 की सरकारी भूमि में उनकी करीब दो मीटर जमीन दब गई थी। वहां पहले से शौचालय भी बना हुआ था। शिवानी के मुताबिक, परिवार ने अपनी जमीन तक पहुंचने और पशुओं की देखभाल के लिए रास्ता उपलब्ध कराने की मांग करते हुए अधिकारियों से शिकायत की थी। उन्हें रास्ता दिलाने का आश्वासन भी मिला था। नींव भरने के दौरान मारपीट का आरोप शिवानी का आरोप है कि खरीदी गई जमीन पर नींव भरने का काम शुरू करने के बाद बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे लेखपाल मनीष, ग्राम प्रधान और कुछ अन्य लोग मौके पर पहुंचे। इस दौरान उनके और परिवार के सदस्यों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। शिवानी ने आरोप लगाया कि महिला पुलिसकर्मियों ने उनके मोबाइल फोन छीन लिए। लेखपाल और अन्य लोगों ने धक्का-मुक्की की। इसके बाद जेसीबी से उनकी भरी जा रही नींव को खोद दिया गया और वहां खड़ा पेड़ भी काट दिया गया। एसएसपी कार्यालय में शिवानी ने अपने सिर पर लगी चोट भी दिखाई। थाने में भी मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप परिवार का आरोप है कि पुलिस उन्हें और उनके परिजनों को तितावी थाने ले गई, जहां उनके साथ दोबारा मारपीट की गई। उनके मुताबिक, रात करीब 10 बजे उन्हें शामली बस अड्डे पर छोड़ दिया गया। देर रात करीब 12 बजे जब वे घर पहुंचे तो दरवाजे खुले थे और घर का सामान अस्त-व्यस्त मिला। परिवार ने इन सभी घटनाओं की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दोनों पक्षों के आरोपों की जांच से साफ होगी स्थिति इस मामले में अब दोनों पक्षों की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। प्रशासन की ओर से सरकारी जमीन पर कब्जे और कार्रवाई के दौरान टीम के साथ अभद्रता व मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। वहीं, दूसरे पक्ष ने जमीन के रास्ते को लेकर विवाद के दौरान मारपीट, निर्माण तोड़ने और पुलिस के दुर्व्यवहार की शिकायत की है। जमीन के राजस्व अभिलेखों, मौके की स्थिति और दोनों पक्षों के आरोपों की जांच के बाद ही विवाद की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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