मुंबई के चेंबूर स्कूल बस हादसे में बड़ा एक्शन
मुंबई के चेंबूर इलाके में स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 वर्षीय छात्र की मौत के मामले में बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने कड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। हादसे की उच्चस्तरीय जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की गई है और प्रारंभिक जांच में लापरवाही के संकेत मिलने पर दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बीएमसी ने आठ दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
दि राइजिंग न्यूज़ | मुंबई | 2 जुलाई 2026
मुंबई के चेंबूर (पश्चिम) स्थित डायमंड गार्डन के पास स्कूल बस पर विशाल पीपल का पेड़ गिरने से 11 वर्षीय छात्र की मौत के मामले में बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और शुरुआती जांच में लापरवाही के संकेत मिलने पर दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।बीएमसी ने हादसे की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति में डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर पुरुषोत्तम मालवाडे और शशांक भोरे को शामिल किया गया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह आठ दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करे। साथ ही विशेषज्ञों की राय लेकर यह भी सुझाव दे कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कौन-कौन से स्थायी उपाय अपनाए जा सकते हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आई अहम बात
बीएमसी की शुरुआती जांच में यह जानकारी सामने आई है कि जिस स्थान पर पीपल का पेड़ खड़ा था, उसके तने के चारों ओर कंक्रीट डाल दिया गया था। अधिकारियों का मानना है कि इससे पेड़ की जड़ों को पर्याप्त जगह और पोषण नहीं मिल पाया, जिसके कारण उनका प्राकृतिक विकास प्रभावित हुआ और समय के साथ पेड़ कमजोर होता चला गया। माना जा रहा है कि यही कारण तेज बारिश और मौसम के दबाव में पेड़ के उखड़ने की बड़ी वजह बन सकता है। हालांकि इस पहलू की अंतिम पुष्टि जांच समिति की रिपोर्ट के बाद ही होगी।
दो अधिकारियों पर गिरी गाज
घटना के बाद बीएमसी ने एम-वेस्ट वार्ड के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट (गार्डन) जगदीश भोईर और असिस्टेंट इंजीनियर (रोड्स) योगेश पर्टे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। बीएमसी का कहना है कि प्रारंभिक जांच पूरी होने तक दोनों अधिकारी निलंबित रहेंगे और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
कैसे हुआ दर्दनाक हादसा
यह हादसा मंगलवार को चेंबूर (पश्चिम) के डायमंड गार्डन के पास हुआ, जब छात्रों को लेकर जा रही एक स्कूल बस पर अचानक लगभग 60 से 70 वर्ष पुराना पीपल का पेड़ उखड़कर गिर पड़ा। उस समय बस में 13 छात्र सवार थे। हादसे में 11 वर्षीय एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य छात्र घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया।घटना के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि पेड़ इतना पुराना था तो उसकी नियमित निगरानी और वैज्ञानिक जांच क्यों नहीं की गई।
सर्वे में सुरक्षित बताया गया था पेड़
बीएमसी के अनुसार, इस पीपल के पेड़ का 12 मई 2026 को नियमित सर्वे किया गया था। उस समय बाहरी निरीक्षण में पेड़ स्वस्थ और मजबूत पाया गया था। इसके अलावा मानसून पूर्व अभियान के तहत 29 मई को पेड़ की छंटाई भी की गई थी और उस दौरान भी इसे सुरक्षित माना गया था। बीएमसी का कहना है कि पेड़ की बाहरी स्थिति सामान्य दिखाई दे रही थी और उसकी खराब स्थिति को लेकर पहले कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।
मानसून से पहले चलाया गया था विशेष अभियान
नगर निगम के अनुसार, हर वर्ष की तरह इस बार भी मानसून से पहले शहरभर में पेड़ों की सुरक्षा और छंटाई का अभियान चलाया गया था। इस दौरान 468 सूखे या खतरनाक पेड़ों की पहचान कर उन्हें हटाया गया, जबकि 1,00,318 पेड़ों की छंटाई की गई। इसके बावजूद चेंबूर की यह घटना सामने आने के बाद पूरे अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं।
बढ़ रही हैं पेड़ गिरने की घटनाएं
बीएमसी के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में पेड़ गिरने की घटनाओं में पिछले कुछ वर्षों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वर्ष 2023 में कुल 687 पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज हुई थीं, जिनमें 180 बीएमसी की जमीन और 507 निजी संपत्तियों पर थे। वर्ष 2024 में यह संख्या घटकर 653 रही, लेकिन 2025 में फिर बढ़कर 855 हो गई। इन आंकड़ों के बाद विशेषज्ञ लगातार पुराने पेड़ों की वैज्ञानिक जांच, जड़ों की सुरक्षा और शहरी निर्माण कार्यों के दौरान पर्यावरणीय मानकों का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।बीएमसी का कहना है कि जांच समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किसी अन्य अधिकारी या विभाग की जिम्मेदारी सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं मृत छात्र के परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने की बात भी कही गई है।