क्या केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा कोरोना काल का 18 महीने का महंगाई भत्ता बकाया

आठवें वेतन आयोग के समक्ष कर्मचारी संगठनों ने कोरोना काल के दौरान रोके गए १८ महीने के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत के बकाया भुगतान की मांग उठाई है। हालांकि केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल इस राशि के भुगतान का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

क्या केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा कोरोना काल का 18 महीने का महंगाई भत्ता बकाया

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 2 जुलाई 2026

आठवें वेतन आयोग के गठन के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की कई मांगें एक बार फिर चर्चा में हैं। इनमें कोरोना काल के दौरान रोके गए १८ महीने के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत के बकाया भुगतान की मांग भी प्रमुख है। हालांकि केंद्र सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल इस बकाया राशि के भुगतान का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।


आठवें वेतन आयोग के सामने फिर उठी 18 महीने के बकाया की मांग

आठवें वेतन आयोग की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगें आयोग के समक्ष रखनी शुरू कर दी हैं। इन्हीं मांगों में कोरोना महामारी के दौरान रोके गए १८ महीने के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत के बकाया भुगतान का मुद्दा भी शामिल है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महामारी के दौरान रोकी गई राशि अब कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दी जानी चाहिए। उनका तर्क है कि यह उनका वैधानिक अधिकार है और लंबे समय से इस मांग की अनदेखी की जा रही है।


कोरोना महामारी के दौरान क्यों रोका गया था महंगाई भत्ता

कोरोना महामारी के समय देश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा था। उस अवधि में केंद्र सरकार ने जनवरी २०२० से जून २०२१ तक की तीन किश्तों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत पर रोक लगा दी थी। सरकार का कहना था कि महामारी से निपटने, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता थी। इसी कारण उस समय यह निर्णय लिया गया था।


सरकार ने भुगतान को लेकर फिर दोहराया अपना रुख

केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय पहले भी कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि कोरोना काल के दौरान रोके गए १८ महीने के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का भुगतान नहीं किया जाएगा। सरकार का कहना है कि उस समय लिया गया निर्णय असाधारण परिस्थितियों में लिया गया था और वर्तमान में इस बकाया राशि को जारी करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सरकार का यह भी कहना है कि वर्तमान बजटीय परिस्थितियों में इस मांग को स्वीकार करना संभव नहीं है।


कर्मचारी संगठनों ने आयोग से की पुनर्विचार की मांग

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को उनके अधिकार का भुगतान मिलना चाहिए। उनका तर्क है कि महामारी की परिस्थितियां समाप्त हो चुकी हैं, इसलिए सरकार को अब इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। कई संगठनों ने आठवें वेतन आयोग से आग्रह किया है कि वह अपनी अनुशंसाओं में इस मुद्दे को भी शामिल करे ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके।


कब तक लागू हो सकता है आठवां वेतन आयोग

केंद्र सरकार ने नवंबर २०२५ में आठवें वेतन आयोग का गठन किया था। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए लगभग अठारह महीने का समय दिया गया है। संभावना है कि आयोग वर्ष २०२७ के मध्य तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देगा। इसके बाद रिपोर्ट की समीक्षा, मंत्रिमंडल की मंजूरी और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद नए वेतनमान लागू किए जा सकते हैं।


लाखों कर्मचारियों की निगाहें सरकार के अगले फैसले पर

देशभर के केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी अब आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर नजर बनाए हुए हैं। महंगाई भत्ते के बकाया भुगतान को लेकर भले ही सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया हो, लेकिन कर्मचारी संगठन अभी भी अपनी मांग पर कायम हैं। आने वाले समय में आयोग की सिफारिशें और सरकार का अंतिम निर्णय इस पूरे मामले की दिशा तय करेगा।