मुंबई में सीएनजी हुई महंगी, अब 89 रुपये किलो मिलेगा गैस

मुंबई में एक अक्टूबर 2026 से सीएनजी के दाम में एक रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है। नई कीमत 89 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। सितंबर में भी दो रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। कंपनी ने गैस खरीदने की बढ़ी लागत और महंगी आयातित गैस को इस वृद्धि की वजह बताया है।

Oct 01, 2026 - 14:43
0
मुंबई में सीएनजी हुई महंगी, अब 89 रुपये किलो मिलेगा गैस

दि राइजिंग न्यूज़ | मुंबई | 1 अक्टूबर 2026

मुंबई में वाहन चालकों के लिए ईंधन खर्च से जुड़ी एक और खबर सामने आई है। एक अक्टूबर 2026 से महानगर में संपीड़ित प्राकृतिक गैस यानी सीएनजी की कीमत में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। कीमत बढ़ने के बाद मुंबई में सीएनजी का नया भाव 89 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। इससे निजी वाहन चालकों के साथ-साथ टैक्सी और ऑटो चालकों के ईंधन खर्च पर भी असर पड़ेगा।

मुंबई में कितने बढ़े सीएनजी के दाम

मुंबई में महानगर गैस लिमिटेड की ओर से एक अक्टूबर से सीएनजी की कीमत में एक रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई है। इसके बाद अब वाहन चालकों को एक किलोग्राम सीएनजी के लिए 89 रुपये चुकाने होंगे। इससे पहले सीएनजी का भाव 88 रुपये प्रति किलोग्राम था। नई कीमत लागू होने के बाद सीएनजी से वाहन चलाने वालों का दैनिक खर्च बढ़ गया है।

सितंबर में भी बढ़ी थी कीमत

मुंबई में सीएनजी के दामों में हाल के समय में यह दूसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले सितंबर 2026 में भी सीएनजी की कीमत में दो रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई थी। अब अक्टूबर की शुरुआत में एक रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी से वाहन चालकों पर ईंधन खर्च का दबाव और बढ़ गया है। लगातार कीमत बढ़ने से नियमित रूप से सीएनजी का इस्तेमाल करने वाले लोगों के मासिक बजट पर असर पड़ सकता है।

सीएनजी के दाम बढ़ाने की क्या वजह है

सीएनजी की कीमत में बढ़ोतरी के पीछे गैस खरीदने की लागत बढ़ना प्रमुख कारण बताया गया है। महानगर गैस लिमिटेड के अनुसार कंपनी को महंगी आयातित पुनर्गैसीकृत द्रवित प्राकृतिक गैस खरीदनी पड़ रही है। गैस की खरीद लागत बढ़ने के कारण कंपनी ने सीएनजी की बिक्री कीमत में संशोधन किया है। इसका सीधा असर मुंबई में सीएनजी से वाहन चलाने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ा है।

निजी वाहन चालकों पर क्या होगा असर

सीएनजी की कीमत बढ़ने का असर सबसे पहले उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना अपने निजी वाहन से लंबी दूरी तय करते हैं। एक रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी छोटी दिखाई दे सकती है, लेकिन नियमित रूप से अधिक मात्रा में सीएनजी भरवाने वालों का कुल मासिक खर्च बढ़ सकता है। रोज कार्यालय, व्यापार या अन्य कामों के लिए वाहन चलाने वालों को अब पहले की तुलना में अधिक राशि ईंधन पर खर्च करनी होगी। इससे उनके परिवहन बजट में भी बदलाव आ सकता है।

टैक्सी और ऑटो चालकों की बढ़ सकती है लागत

सीएनजी की कीमत बढ़ने का प्रभाव टैक्सी और ऑटो चालकों पर भी पड़ना तय है, क्योंकि इन वाहनों में बड़ी मात्रा में गैस का इस्तेमाल होता है। ईंधन की कीमत बढ़ने से रोजाना वाहन चलाने की परिचालन लागत में वृद्धि होगी। हालांकि, इसका असर यात्रियों से लिए जाने वाले किराये पर कितना पड़ेगा, यह संबंधित परिवहन सेवा और किराया व्यवस्था पर निर्भर करेगा। फिलहाल केवल सीएनजी की कीमत में बढ़ोतरी को आधार बनाकर किराये में वृद्धि की बात तय नहीं कही जा सकती।

व्यावसायिक वाहनों पर भी पड़ेगा असर

मुंबई में सीएनजी से चलने वाले दूसरे व्यावसायिक वाहनों के लिए भी ईंधन खर्च बढ़ जाएगा। जिन वाहनों का इस्तेमाल रोजाना सामान पहुंचाने, यात्रियों को लाने-ले जाने या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में होता है, उनके संचालन की लागत पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। ईंधन खर्च बढ़ने से वाहन मालिकों और चालकों को अपने दैनिक खर्च का दोबारा हिसाब लगाना पड़ सकता है। इसका व्यापक प्रभाव परिवहन से जुड़ी सेवाओं की लागत पर पड़ सकता है।

लगातार बढ़ती कीमतों से क्या बदलेगा

सीएनजी की कीमत में सितंबर के बाद अक्टूबर में फिर हुई बढ़ोतरी ने ईंधन खर्च को लेकर वाहन चालकों की चिंता बढ़ाई है। हालांकि एक रुपये की बढ़ोतरी का वास्तविक असर वाहन के औसत उपयोग और प्रतिदिन तय की जाने वाली दूरी पर निर्भर करेगा। नियमित सीएनजी उपयोगकर्ताओं के लिए महीने भर में अतिरिक्त खर्च की राशि अलग-अलग हो सकती है। ऐसे में वाहन चालक नई कीमत के अनुसार अपने ईंधन बजट की योजना बना सकते हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User