नागपुर छात्र के सेंटर विवाद पर खुलासा

नीट 2026 परीक्षा में नागपुर के एक अभ्यर्थी को अबू धाबी परीक्षा केंद्र मिलने के मामले में नया मोड़ आ गया है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने रिकॉर्ड जारी कर दावा किया है कि अभ्यर्थी ने आवेदन प्रक्रिया के दौरान स्वयं अबू धाबी को परीक्षा केंद्र के रूप में चुना था।

नागपुर छात्र के सेंटर विवाद पर खुलासा

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 20 जून 2026

नागपुर छात्र के सेंटर विवाद पर एनटीए का जवाब

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) 2026 से जुड़े एक चर्चित मामले में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने अपना पक्ष सार्वजनिक किया है। मामला महाराष्ट्र के नागपुर के एक अभ्यर्थी से जुड़ा है, जिसे परीक्षा केंद्र के रूप में संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी शहर का केंद्र आवंटित किया गया था। इस मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर परीक्षा केंद्र आवंटन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए थे।एनटीए ने अब रिकॉर्ड के आधार पर स्पष्ट किया है कि संबंधित अभ्यर्थी ने आवेदन भरते समय स्वयं अबू धाबी को अपने पसंदीदा परीक्षा केंद्रों में शामिल किया था। एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड और आवेदन विवरण इस बात की पुष्टि करते हैं कि केंद्र का चयन अभ्यर्थी की ओर से किया गया था।

आवेदन प्रक्रिया के रिकॉर्ड किए गए सार्वजनिक

एनटीए के अनुसार परीक्षा आवेदन प्रणाली में दर्ज जानकारी और ऑनलाइन आवेदन रिकॉर्ड से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र चयन की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप पूरी की गई थी। एजेंसी ने कहा कि परीक्षा केंद्र आवंटन उम्मीदवारों द्वारा आवेदन के दौरान भरी गई प्राथमिकताओं के आधार पर किया जाता है।मामले में उठे विवाद के बाद एनटीए ने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों में किसी तकनीकी गड़बड़ी या एजेंसी की ओर से हुई त्रुटि के संकेत नहीं मिले हैं। एजेंसी का दावा है कि आवेदन पत्र में विदेश स्थित परीक्षा केंद्र का विकल्प उम्मीदवार द्वारा ही चुना गया था।

केंद्र आवंटन को लेकर उठे थे सवाल

नागपुर के छात्र को अबू धाबी केंद्र मिलने की खबर सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगे थे कि भारत में रहने वाले एक अभ्यर्थी को विदेश में परीक्षा केंद्र कैसे आवंटित किया गया। कई लोगों ने इसे संभावित तकनीकी त्रुटि या आवेदन प्रक्रिया में हुई गलती से जोड़कर देखा था।हालांकि एनटीए के ताजा स्पष्टीकरण के बाद एजेंसी ने साफ किया है कि केंद्र आवंटन प्रक्रिया उम्मीदवार की दर्ज प्राथमिकताओं के अनुरूप ही की गई थी। एजेंसी का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में उपलब्ध डेटा इस दावे का समर्थन करता है।

पारदर्शिता पर दिया जोर

एनटीए ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से विवाद सामने आने के बाद रिकॉर्ड की समीक्षा की गई और संबंधित जानकारी सार्वजनिक की गई।एजेंसी ने यह भी दोहराया कि उम्मीदवारों को आवेदन पत्र भरते समय सभी विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच करनी चाहिए, क्योंकि परीक्षा केंद्र आवंटन सहित कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं आवेदन में दर्ज सूचनाओं के आधार पर ही पूरी की जाती हैं।

जांच और चर्चा के बीच बढ़ी दिलचस्पी

नीट देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है और हर वर्ष लाखों छात्र इसमें शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा केंद्र आवंटन से जुड़ा यह मामला चर्चा का विषय बन गया। एनटीए के स्पष्टीकरण के बाद अब यह मुद्दा परीक्षा आवेदन प्रक्रिया में उम्मीदवारों द्वारा भरे जाने वाले विवरणों की अहमियत को भी रेखांकित कर रहा है।फिलहाल एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार नागपुर के अभ्यर्थी ने स्वयं अबू धाबी परीक्षा केंद्र का चयन किया था और केंद्र आवंटन उसी आधार पर किया गया।