नगर निगम कार्यकारिणी में कल हंगामे के आसार:नगर आयुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाएंगे पार्षद,कूड़ा उठान-टेंडर पर मांगेंगे जवाब
कानपुर नगर निगम कार्यकारिणी की 24 अक्टूबर को होने वाली बैठक में कई मुद्दों पर हंगामे के आसार हैं। घर-घर कूड़ा उठान का ठेका कंपनी को देने, कन्वेंशन सेंटर को चयनित कंपनी को हैंडओवर करने और विभिन्न समितियों को भंग करने के मामलों को लेकर पार्षद नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय से जवाब मांगने की तैयारी में हैं। कार्यकारिणी के उपसभापति और वार्ड-65 के पार्षद अभिनव शुक्ला (गोलू) ने नगर आयुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी की है। इस प्रस्ताव पर कार्यकारिणी के 12 में से 11 सदस्यों के हस्ताक्षर होने का दावा किया गया है। इसके अलावा नगर निगम निधि से स्वीकृत कार्यों और टेंडर प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की मांग भी बैठक में उठाई जाएगी। नगर आयुक्त से पार्षद मांगेंगे जवाब नगर निगम में नगर आयुक्त और महापौर प्रमिला पांडेय के बीच पिछली कार्यकारिणी की बैठक में कई मुद्दों पर मतभेद सामने आए थे। अब घर-घर कूड़ा उठान और कन्वेंशन सेंटर के टेंडर को लेकर पार्षदों और नगर निगम प्रशासन के बीच तनातनी बढ़ने के आसार हैं। पार्षदों का आरोप है कि कार्यकारिणी और सदन से स्वीकृत प्रस्तावों को निरस्त करने से पहले सदस्यों को जानकारी नहीं दी गई। इसी को लेकर नगर आयुक्त से जवाब मांगा जाएगा। समितियां भंग करने और ठेका देने पर नाराजगी उपसभापति अभिनव शुक्ला की ओर से लाए जाने वाले निंदा प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि घर-घर कूड़ा उठान का ठेका कंपनी को देने के साथ मंगल भवन सहित अन्य समितियों को भंग कर दिया गया। इन समितियों में शामिल पार्षदों को भी हटा दिया गया। इसके अलावा हॉट मिक्स प्लांट के टेंडरों की जांच के लिए गठित समिति को भी समाप्त किए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। पार्षदों का कहना है कि यह निर्णय पहले नगर निगम कार्यकारिणी या सदन से स्वीकृत हुए थे। ऐसे में इन्हें निरस्त करने से पहले कार्यकारिणी को जानकारी देना जरूरी था। आरोप है कि नगर आयुक्त ने सदन और कार्यकारिणी के फैसलों को लेकर सदस्यों को विश्वास में नहीं लिया। इन मामलों को लेकर बैठक में जवाब मांगा जाएगा। निंदा प्रस्ताव पास हुआ तो शासन को भेजेंगे नगर आयुक्त समिति के सामने उपस्थित होकर मांगी गई जानकारियां नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके लिए कार्यकारिणी के सात सदस्यों की सहमति जरूरी बताई गई है। जबकि प्रस्ताव पर 11 सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। प्रस्ताव कार्यकारिणी से पास होने के बाद नगर निगम सदन में रखा जाएगा। सदन से मंजूरी मिलने पर इसे शासन को भेजने की तैयारी है, ताकि मामले में आगे की कार्रवाई हो सके। नगर निगम निधि के सभी काम ऑनलाइन करने की मांग बैठक में नगर निगम निधि से स्वीकृत सभी कार्यों, निविदाओं, बजट की मंजूरी और खर्च का ब्योरा आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करने का प्रस्ताव भी लाया जाएगा। पार्षदों का कहना है कि नगर निगम निधि सार्वजनिक धन है। इसलिए इसके इस्तेमाल में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। इसके लिए निधि से जुड़े कार्यों की स्वीकृति से लेकर टेंडर और भुगतान तक की प्रक्रिया ऑनलाइन करने की मांग की जाएगी। साथ ही डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, लीगेसी वेस्ट से जुड़े मामले, भुगतान, विभिन्न समितियों से पार्षदों को हटाने और निविदाओं व अनुबंधों की समीक्षा का मुद्दा भी उठाया जाएगा। तीन वित्तीय वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट पर भी चर्चा कार्यकारिणी की बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 की मासिक लेखापरीक्षा रिपोर्ट पर भी चर्चा होगी। इसके साथ स्थानीय निधि लेखापरीक्षा प्रतिवेदन और मासिक आय-व्यय सार के प्रकाशन की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 के संबंधित प्रावधानों के अनुपालन पर भी चर्चा प्रस्तावित है। वहीं, एक तरफ बैठक में नगर आयुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव और समितियों को भंग करने के मुद्दे पर पार्षद सवाल उठाएंगे, तो वहीं दूसरी ओर नगर निगम के वित्तीय कामकाज में पारदर्शिता का मुद्दा भी प्रमुख रहेगा। ऐसे में कार्यकारिणी की बैठक के हंगामेदार रहने की संभावना है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)