नवविवाहिता की हत्या में पति, सास, ससुर को उम्रकैद:दहेज में पल्सर बाइक और चेन मांगने का आरोप, दूसरे हत्या केस में भी तीन को आजीवन कारावास
इटावा। जिले की अदालत ने हत्या के दो अलग-अलग मामलों में बुधवार को छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। पहले मामले में इकदिल थाना क्षेत्र के नगला दलप गांव में नवविवाहिता सोनम की हत्या के मामले में पति अरुण कुमार उर्फ बंटू, ससुर रविंद्र सिंह और सास शकुंतला देवी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। तीनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। वहीं दूसरे हत्या मामले में नगला दलप निवासी रविंद्र सिंह, उसके पुत्र अरुण कुमार उर्फ बंटू और शकुंतला देवी को भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई और प्रत्येक पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। दोनों मामलों में पुलिस की विवेचना, अभियोजन की पैरवी और मॉनिटरिंग सेल की प्रभावी पैरवी के बाद अदालत ने दोषियों को सजा सुनाई। सोनम की शादी 25 दिसंबर को हुई भरथना थाना क्षेत्र के लालपुरा समसपुरा गांव निवासी बृजेंद्र सिंह ने इकदिल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी बहन सोनम की शादी 25 दिसंबर 2023 को इकदिल थाना क्षेत्र के नगला दलप गांव निवासी अरुण कुमार उर्फ बंटू पुत्र रविंद्र सिंह के साथ हुई थी। शादी में परिवार ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज दिया था। पल्सर बाइक और चेन की मांग आरोप था कि शादी के बाद सोनम के ससुरालीजन दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे। वह अतिरिक्त दहेज में पल्सर बाइक और चेन की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर सोनम का उत्पीड़न किया जाने लगा और उसके साथ मारपीट भी की गई। फोन पर भाई को बताई मारपीट मुकदमे के अनुसार 2 अप्रैल 2024 को सोनम ने फोन पर अपने भाई बृजेंद्र सिंह को ससुरालीजनों द्वारा मारपीट किए जाने की जानकारी दी थी। इसके कुछ ही देर बाद सोनम के ससुर रविंद्र सिंह ने फोन कर सोनम के मरने की जानकारी दी। गला घोंटकर हत्या का आरोप सोनम की मौत की जानकारी मिलने पर बृजेंद्र सिंह ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बृजेंद्र ने ससुरालीजनों पर सोनम की गला घोंटकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। तीनों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
तहरीर के आधार पर पुलिस ने पति अरुण कुमार, ससुर रविंद्र सिंह और सास शकुंतला देवी के खिलाफ दहेज हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने तीनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया।
अदालत में पेश किए गए साक्ष्य
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम रूपेंद्र सिंह टोंगर की अदालत में हुई। सरकार की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अजीत प्रताप सिंह तोमर ने पैरवी की। अभियोजन की ओर से गवाहों और साक्ष्यों को अदालत के सामने पेश किया गया।
हत्या में तीनों दोषी करार
अदालत ने अभियोजन की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अरुण कुमार, रविंद्र सिंह और शकुंतला देवी को हत्या का दोषी पाया। अदालत ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना अदा न करने पर तीनों को तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दूसरे मामले में भी उम्रकैद
दूसरे मामले में भी अदालत ने हत्या के आरोप में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने नगला दलप निवासी रविंद्र सिंह, उसके पुत्र अरुण कुमार उर्फ बंटू और शकुंतला देवी को दोषी ठहराया। अदालत ने तीनों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
तीन अप्रैल 2024 को दर्ज हुआ था मुकदमा
दूसरे हत्या मामले में 3 अप्रैल 2024 को मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने विवेचना के दौरान साक्ष्य जुटाए और उन्हें न्यायालय में पेश किया। इसके बाद पुलिस ने आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया।
मॉनिटरिंग सेल ने की प्रभावी पैरवी
मामले में मॉनिटरिंग सेल, पैरोकार और अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की गई। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने अदालत के सामने साक्ष्य और गवाह पेश किए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तीनों को हत्या का दोषी माना और उम्रकैद की सजा सुनाई।
प्रत्येक पर 20 हजार का जुर्माना
अदालत ने रविंद्र सिंह, अरुण कुमार उर्फ बंटू और शकुंतला देवी को आजीवन कारावास के साथ प्रत्येक पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)