पाकिस्तान में बढ़ा आतंकी कहर, हमलों में 27% उछाल
पाकिस्तान में मई 2026 के दौरान आतंकी हमलों में 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। बलूचिस्तान सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां हमलों और अपहरण की घटनाओं में बड़ा उछाल देखने को मिला। सुरक्षा एजेंसियों ने 270 आतंकियों को मार गिराने का दावा किया है, लेकिन बढ़ती हिंसा देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है।
दि राइजिंग न्यूज़। इस्लामाबाद। 4 जून 2026
एक महीने में आतंकी हमलों में 27% उछाल, बलूचिस्तान बना हिंसा का सबसे बड़ा केंद्र
पाकिस्तान में आतंकवाद का संकट लगातार गहराता जा रहा है। जिस आतंकवादी नेटवर्क को लेकर वर्षों से पाकिस्तान पर दुनिया भर में सवाल उठते रहे हैं, अब वही नेटवर्क देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बनकर उभर रहा है। मई 2026 के दौरान पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों में चिंताजनक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) की ताजा मासिक रिपोर्ट के अनुसार मई 2026 में देशभर में कुल 128 आतंकी हमले दर्ज किए गए। अप्रैल महीने में यह संख्या 101 थी। इस प्रकार केवल एक महीने में आतंकी घटनाओं में लगभग 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
नागरिक और सुरक्षाबल दोनों बने आतंकियों का निशाना
रिपोर्ट के अनुसार मई महीने में हुए आतंकी हमलों में 71 नागरिकों, 68 सुरक्षाकर्मियों और शांति समितियों के 6 सदस्यों की मौत हुई। वहीं 147 नागरिक, 35 सुरक्षाकर्मी और 3 अन्य लोग घायल हुए। विश्लेषकों के अनुसार यह आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं क्योंकि अप्रैल की तुलना में नागरिक मौतों में 92 प्रतिशत और सुरक्षाबलों की मौतों में 143 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे स्पष्ट होता है कि आतंकवादी संगठन अब पहले से अधिक आक्रामक रणनीति अपना रहे हैं।
आत्मघाती हमलों की वापसी ने बढ़ाई चिंता
मई महीने में आत्मघाती हमलों में भी तेज वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक कुल 6 आत्मघाती हमले हुए, जिनमें 4 वाहन आधारित आत्मघाती विस्फोट शामिल थे। इन हमलों में 34 सुरक्षाकर्मी और 9 नागरिकों की जान चली गई। इससे पहले मार्च और अप्रैल में केवल एक-एक आत्मघाती हमला हुआ था। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकेत है कि आतंकी संगठन एक बार फिर बड़े पैमाने पर आत्मघाती रणनीति को अपना रहे हैं।
बलूचिस्तान में सबसे ज्यादा हिंसा
पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बनकर सामने आया है। मई महीने में यहां 71 आतंकी हमले दर्ज किए गए, जबकि अप्रैल में यह संख्या 34 थी। इस प्रकार केवल एक महीने में हमलों में 109 प्रतिशत की वृद्धि हुई। सुरक्षा हालात बिगड़ने के साथ-साथ अपहरण की घटनाओं में भी भारी उछाल दर्ज किया गया। पूरे पाकिस्तान में दर्ज 54 अपहरण मामलों में से 52 मामले अकेले बलूचिस्तान से सामने आए। विशेषज्ञों का मानना है कि बलूचिस्तान में लगातार बिगड़ती स्थिति पाकिस्तान सरकार के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
सुरक्षा बलों का जवाबी अभियान तेज
बढ़ती आतंकी घटनाओं के बीच पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने भी आतंकवाद विरोधी अभियानों को तेज कर दिया है। PICSS रिपोर्ट के अनुसार मई महीने में सुरक्षा बलों ने 270 आतंकियों को मार गिराया और 15 अन्य संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया। मारे गए आतंकियों में 128 पूर्व फाटा क्षेत्र, 62 खैबर पख्तूनख्वा, 71 बलूचिस्तान और एक पंजाब प्रांत से था। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि आने वाले महीनों में आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई और तेज की जाएगी।
पाकिस्तान के सामने दोहरी चुनौती
विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान इस समय दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है। एक ओर आतंकवादी संगठनों की बढ़ती सक्रियता है, वहीं दूसरी ओर बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था है। मई 2026 के आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि पाकिस्तान में आतंकवाद का खतरा कम होने के बजाय फिर तेजी से बढ़ रहा है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले महीनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। पाकिस्तान वर्षों से आतंकवाद के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर घिरता रहा है। अब वही आतंकी नेटवर्क उसके लिए आंतरिक संकट का कारण बनते दिखाई दे रहे हैं। मई 2026 की रिपोर्ट इस बात का संकेत है कि देश में सुरक्षा हालात अभी भी बेहद नाजुक बने हुए हैं और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पाकिस्तान के लिए आसान नहीं रहने वाली।