ट्रंप ने सुबह-सुबह ईरान को दी धमकी! लड़ाकू विमान की तस्वीर से दुनिया में बढ़ी हलचल...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर सख्त रुख दिखाया है। ट्रंप ने लड़ाकू विमान और बम वाली तस्वीर साझा कर बड़ा संदेश दिया, जिससे ईरान-अमेरिका समझौते को लेकर सस्पेंस और बढ़ गया है। परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य और प्रतिबंधों को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव अब भी जारी है।
दि राइजिंग न्यूज़ | वॉशिंगटन | 25 मई 2026
ईरान-अमेरिका समझौते के बीच ट्रंप का नया संदेश
ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते को लेकर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाते हुए ईरान को अप्रत्यक्ष चेतावनी दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार की गई एक तस्वीर साझा की, जिसमें एक लड़ाकू विमान के नीचे भारी बम लगा दिखाई दे रहा है। तस्वीर के ऊपर लिखा संदेश पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है।इस तस्वीर में लिखा था, “इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।” ट्रंप की इस पोस्ट को ईरान के लिए सख्त संदेश माना जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह पोस्ट ऐसे समय में सामने आई है, जब दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते और पश्चिम एशिया में शांति को लेकर गुप्त बातचीत जारी है। ट्रंप के इस कदम से एक बार फिर वैश्विक तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रंप बोले- मैं खराब समझौते नहीं करता
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर एक लंबा संदेश भी साझा किया। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता होगा तो वह “अच्छा और न्यायपूर्ण” होगा। ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के समझौते पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समझौते ने ईरान को भारी आर्थिक फायदा पहुंचाया और परमाणु हथियार कार्यक्रम के लिए रास्ता खोल दिया था।अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि उनका प्रस्तावित समझौता बिल्कुल अलग होगा और उसमें अमेरिका के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि अभी तक किसी ने उस समझौते का पूरा स्वरूप नहीं देखा है और बातचीत अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। उन्होंने अपने आलोचकों को “हार चुके लोग” बताते हुए कहा कि वे बिना जानकारी के बयानबाजी कर रहे हैं।
समझौते को लेकर अब भी बना हुआ है सस्पेंस
बीते कुछ दिनों से लगातार यह चर्चा चल रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी बड़े समझौते की तैयारी हो रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाल ही में भारत दौरे के दौरान कहा था कि दुनिया को जल्द ही कोई “अच्छी खबर” सुनने को मिल सकती है। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह अटकलें तेज हो गई थीं कि दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सकता है।हालांकि अब तक अमेरिका की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने या औपचारिक समझौते को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ट्रंप ने भी अपने हालिया बयान में नरमी दिखाते हुए कहा कि बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है, लेकिन समझौता अभी पूरी तरह तय नहीं हुआ है। वहीं ईरान की ओर से भी यह स्वीकार किया गया है कि वार्ता जारी है और कुछ मुद्दों पर प्रगति हुई है।
किन मुद्दों पर फंसी हुई है बातचीत
ईरानी समाचार एजेंसियों के मुताबिक प्रस्तावित समझौते में पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों को खत्म करने की रूपरेखा शामिल है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बातचीत के दौरान अमेरिका ने ईरानी तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों में राहत देने के संकेत भी दिए हैं। इससे ईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिल सकती है।हालांकि कई बड़े मुद्दों पर अब भी मतभेद बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ईरानी संपत्तियों को मुक्त करने की प्रक्रिया, लेबनान में संघर्ष विराम और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति जैसे मुद्दे बातचीत में सबसे बड़ी बाधा बने हुए हैं। इसके अलावा ईरान का परमाणु कार्यक्रम भी अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की चिंता का प्रमुख कारण बना हुआ है।
पश्चिम एशिया में बढ़ सकती है हलचल
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता नहीं हो पाया तो पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है। इसका असर वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की आपूर्ति होती है।ट्रंप की धमकी भरी तस्वीर और लगातार आक्रामक बयानबाजी ने संकेत दे दिए हैं कि अमेरिका अभी भी दबाव की राजनीति अपनाए हुए है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच बातचीत किस दिशा में जाती है, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नजर
ईरान-अमेरिका तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर हालात और बिगड़ते हैं तो कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। इसका सीधा असर भारत समेत दुनिया के कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ेगा।आर्थिक जानकारों का मानना है कि पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ने से वैश्विक व्यापार प्रभावित हो सकता है। कई देशों की सरकारें इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अगली बातचीत को बेहद अहम माना जा रहा है।