पांडु नदी का पानी खेतों में घुसा, फसल प्रभावित:रसूलाबाद-शिवली के 25 गांवों में मुश्किलें बरकरार, प्रशासन कर रहा निगरानी
कानपुर देहात में बारिश के बाद पांडु नदी का जलस्तर भले ही फिलहाल स्थिर है, लेकिन नदी किनारे बसे गांवों में हालात अभी सामान्य नहीं हुए हैं। रसूलाबाद और शिवली इलाके के करीब 25 गांवों में नदी का पानी पहुंचने से खेत जलमग्न हैं। किसानों के मुताबिक, करीब दो हजार बीघा फसल पानी की चपेट में है और लगातार जलभराव से नुकसान बढ़ने की चिंता बनी हुई है। रसूलाबाद इलाके में करीब 15 गांवों के निचले हिस्सों में पानी भर गया है। तोरना, खेड़ा कुसी, भंगा निवादा, सुक्खा निवादा, भीला पुरवा, रामनगर, भीतरगांव, कृष्णदत्त निवादा, दलिकपुर महाराजपुर, गंगादीन निवादा, मिश्री पुरवा और मनसुख पुरवा समेत कई गांवों के खेत प्रभावित बताए जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि खेतों में कई दिनों से पानी जमा होने के कारण धान और दूसरी फसलों को नुकसान हो रहा है। लोगों को रास्ते में परेशानी उठानी पड़ रही उधर शिवली और मैथा क्षेत्र में भी नदी का पानी कई गांवों के निचले इलाकों तक पहुंच गया है। बक्सपुरवा, करौम, अमनी पुरवा, कैलई और हरदियानाला सहित आसपास के गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। हरदियानाला-शिवली और बक्सपुरवा-शिवली मार्ग पर पानी आने से आवागमन प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और रोजमर्रा के काम से बाजार जाने वाले लोगों को रास्ते में परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिन पहले भी नदी का जलस्तर बढ़ने से खेत प्रभावित हुए थे। अब दोबारा पानी आने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी लंबे समय तक जमा रहने से फसल खराब होने के साथ जहरीले कीड़ों का खतरा भी बना हुआ है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों पर नजर रखी जा रही है। तहसीलदार पंकज उपाध्याय ने क्षेत्र का निरीक्षण कर लेखपालों को जरूरी निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पानी कम होने के बाद प्रभावित खेतों का सर्वे कराया जाएगा और नुकसान का आकलन कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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