पेंशनर्स ने देशभर में किया धरना-प्रदर्शन:केंद्र सरकार की भेदभाव वाली नीतियों का विरोध, 8वें वेतन आयोग पर नाराजगी

Sep 29, 2026 - 16:52
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पेंशनर्स ने देशभर में किया धरना-प्रदर्शन:केंद्र सरकार की भेदभाव वाली नीतियों का विरोध, 8वें वेतन आयोग पर नाराजगी
जौनपुर में सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन ने मंगलवार को दोपहर 3 बजे तक धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट पेंशनर्स फेडरेशन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर किया गया। बड़ी संख्या में पेंशनर्स कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुए। उन्होंने अपनी 12 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा। धरने की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सी.बी. सिंह ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री कृपाशंकर उपाध्याय ने किया। 8वें वेतन आयोग में पुराने पेंशनर्स को शामिल करने की मांग जिलाध्यक्ष सी.बी. सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने जनवरी 2026 में 8वें वेतन आयोग की घोषणा की थी। इसका राजपत्र 30 नवंबर 2026 को प्रकाशित हुआ। संगठन का कहना है कि इसमें जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स को दायरे से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि संगठन वित्त विधेयक 2025 में तिथि के आधार पर किए जा रहे भेदभाव को खत्म करने की मांग कर रहा है। संगठन के मुताबिक, सरकार की ओर से कई बार केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री के बयानों के जरिए पेंशनर्स की आशंकाओं को गलत बताया गया, लेकिन पुराने पेंशनर्स के साथ भेदभाव की स्थिति बनी हुई है। सी.बी. सिंह ने कहा कि जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षक इस नीति से नाराज हैं। उन्होंने पेंशनर्स से अपनी मांगों को लेकर आगे के संघर्ष के लिए तैयार रहने की अपील की। 12 सूत्रीय मांगों को सर्वसम्मति से मंजूरी संगठन की 12 सूत्रीय मांगों में वित्त विधेयक 2025 में तिथि के आधार पर भेदभाव करने वाले प्रावधान को हटाकर पुराने पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग के दायरे में शामिल करना प्रमुख मांग है। इसके अलावा वेतन आयोग की प्रक्रिया में देरी होने की स्थिति में पेंशनर्स को अंतरिम सहायता देने, भारत सरकार के राजपत्र में प्रकाशित निर्णयों के अनुसार कर्मचारियों, पेंशनर्स और शिक्षकों के लिए अलग से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) तैयार करने की मांग की गई। पेंशनर्स ने 65 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद हर पांच वर्ष पर पेंशन में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने और महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल वेतन और पेंशन में मर्ज करने की भी मांग की।इन मांगों से संबंधित ज्ञापन जिला मंत्री कृपाशंकर उपाध्याय ने जिलाध्यक्ष की अनुमति से आमसभा के सामने रखा। आमसभा ने इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया। सरकार को पेंशनर्स की मांगों पर जल्द विचार करने की चेतावनी धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पूर्व अध्यक्ष एवं संरक्षक राकेश कुमार श्रीवास्तव ने पेंशनर्स की मांगों का जल्द निस्तारण करने की सरकार से अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार पेंशनर्स को हल्के में न ले, अन्यथा उन्हें भी संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा। सभा में वक्ताओं ने सरकार से पेंशनर्स की मांगों पर जल्द विचार करने और पूर्व की तरह वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस में पेंशनर्स को शामिल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर संगठन आंदोलन को आगे बढ़ाएगा। ये लोग कार्यक्रम में हुए शामिल कार्यक्रम में कृष्ण कुमार त्रिपाठी, इंजीनियर प्रमोद कुमार सिंह, दशरथ राम, चंद्रशेखर सिंह, राम कृष्ण यादव, ओंकार नाथ मिश्र, नरेंद्र कुमार सिंह, पुट्टीलाल यादव, सूबेदार यादव, मिठाई लाल, राजेश कुमार श्रीवास्तव, मनीदेवी, महालक्ष्मी वर्मा, कांती सिंह, नंदलाल सरोज, गोरखनाथ माली, राजेंद्र प्रसाद सिंह, अशोक कुमार मौर्य, कंचन सिंह, विजय कुमार, वाई.एस.एन. सिंह, विनय कुमार, शंभूनाथ, राम प्रताप यादव, प्रेम धर उपाध्याय, कामरेड कल्लू, रवींद्र सिंह, रमेश, विक्रम यादव, प्रदीप कुमार सिंह, दिनेश चंद्र सिंह, बी.डी. सिंह, अवधेश कुमार सिंह, अजय कुमार सिंह, विनय कुमार गुप्ता, डॉ. आशाराम यादव, साहबाल यादव और नरेंद्र त्रिपाठी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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