संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को जवाब देने वाली पेटल गहलोत कौन हैं
संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान की ओर से कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत ने भारत का पक्ष रखा। पेटल गहलोत भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी हैं और न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने विदेश मंत्रालय में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं और भाषा, अनुवाद तथा अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का अनुभव रखती हैं।
दि राइजिंग न्यूज़ | न्यूयॉर्क | 26 सितंबर 2026
संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कश्मीर संबंधी बयान पर भारत की ओर से पेटल गहलोत ने जवाब दिया। पेटल गहलोत भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी हैं और न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
संयुक्त राष्ट्र में पेटल गहलोत ने दिया भारत का जवाब
संयुक्त राष्ट्र के मंच पर पाकिस्तान की ओर से कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने के बाद भारत ने जवाब देने के अधिकार के तहत अपनी प्रतिक्रिया रखी। भारत की ओर से पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए आतंकवाद और सीमा पार हिंसा का मुद्दा उठाया। पेटल गहलोत संयुक्त राष्ट्र में भारत की ओर से कई महत्वपूर्ण विषयों पर बयान दे चुकी हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर उनके कई वक्तव्य दर्ज हैं। वर्ष 2026 में भी उन्होंने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बैठकों में भारत का पक्ष रखा है।
कौन हैं पेटल गहलोत
पेटल गहलोत भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी हैं। वह जुलाई 2023 से न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव के रूप में कार्यरत हैं। भारत के स्थायी मिशन की अप्रैल 2026 की आधिकारिक कर्मचारी सूची में भी उनका नाम प्रथम सचिव के रूप में दर्ज है। विदेश सेवा में आने के बाद उन्होंने विदेश मंत्रालय और विदेशों में भारतीय मिशनों में जिम्मेदारियां संभाली हैं। उनके कार्य अनुभव में संयुक्त राष्ट्र से जुड़े बहुपक्षीय मामलों के साथ-साथ विदेश मंत्रालय में काम करने का अनुभव भी शामिल है। इससे पहले वह विदेश मंत्रालय में अवर सचिव के पद पर भी कार्य कर चुकी हैं।
कहां से हुई पेटल गहलोत की पढ़ाई
पेटल गहलोत ने सेंट जेवियर्स कॉलेज से राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र और फ्रांसीसी साहित्य की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से राजनीति विज्ञान और शासन विषय में परास्नातक की पढ़ाई की। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि में राजनीति और भाषाओं से जुड़े विषय प्रमुख रहे हैं।भाषा और अनुवाद के क्षेत्र में भी उन्होंने उच्च शिक्षा हासिल की है। इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भाषा, संवाद और व्याख्या से जुड़े कार्यों में विशेषज्ञता मिली। उनकी शिक्षा और विदेश सेवा का अनुभव संयुक्त राष्ट्र जैसे बहुपक्षीय मंच पर उनके काम का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
विदेश मंत्रालय में भी निभा चुकी हैं जिम्मेदारी
पेटल गहलोत ने जून 2020 से जुलाई 2023 तक भारत के विदेश मंत्रालय में अवर सचिव के रूप में काम किया। इससे पहले वह विदेशों में भारतीय मिशनों से जुड़े दायित्व भी संभाल चुकी हैं। उनके कार्य अनुभव में पेरिस और सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय मिशनों में काम करना भी शामिल बताया गया है। जुलाई 2023 में उनकी नियुक्ति न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव के रूप में हुई। इसके बाद से वह संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न कार्यक्रमों और बैठकों में भारत का पक्ष रखती रही हैं। आधिकारिक संयुक्त राष्ट्र अभिलेखों में वर्ष 2023 से उनके कई वक्तव्य दर्ज हैं।
संयुक्त राष्ट्र में पहले भी रख चुकी हैं भारत का पक्ष
पेटल गहलोत का संयुक्त राष्ट्र में भारत का पक्ष रखने का अनुभव नया नहीं है। वर्ष 2024 में उन्होंने सतत विकास लक्ष्यों और गरीबी उन्मूलन जैसे विषयों पर भारत की ओर से वक्तव्य दिए। वर्ष 2026 में भी संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न बैठकों में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया है। संयुक्त राष्ट्र में उनकी भूमिका केवल भारत-पाकिस्तान से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं है। वह विकास, ऊर्जा, जलवायु और वैश्विक सहयोग जैसे विषयों पर भी भारत की स्थिति प्रस्तुत कर चुकी हैं। जुलाई 2026 में संयुक्त राष्ट्र की बैठकों में उनके कई आधिकारिक वक्तव्य दर्ज हैं।
संगीत से भी जुड़ा रहा है नाता
पेटल गहलोत की रुचियां केवल कूटनीति और भाषाओं तक सीमित नहीं रही हैं। उपलब्ध प्रोफाइल के अनुसार कॉलेज के दौरान वह भारतीय संगीत से जुड़ी गतिविधियों में भी शामिल रही हैं। उनके व्यक्तित्व में कूटनीति, भाषा और संगीत से जुड़े अलग-अलग अनुभव देखने को मिलते हैं।उनकी पेशेवर यात्रा में भारतीय विदेश सेवा की जिम्मेदारियों के साथ भाषा और व्याख्या का अनुभव भी शामिल है। यही वजह है कि संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी भूमिका में संवाद और स्पष्ट प्रस्तुति महत्वपूर्ण दिखाई देती है।
पेटल गहलोत की भूमिका क्यों चर्चा में आई
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के बयान के जवाब के बाद पेटल गहलोत का नाम एक बार फिर चर्चा में आया है। भारत की ओर से उन्होंने पाकिस्तान के आरोपों का जवाब देते हुए आतंकवाद से जुड़े मुद्दों को उठाया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर उनके वक्तव्यों से उनके नियमित राजनयिक दायित्व की पुष्टि होती है। पेटल गहलोत की कहानी यह भी बताती है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष रखने की जिम्मेदारी अलग-अलग स्तर के राजनयिक निभाते हैं। संयुक्त राष्ट्र में प्रथम सचिव के रूप में वह कई बैठकों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वर्तमान में उनका कार्यक्षेत्र न्यूयॉर्क स्थित भारत के स्थायी मिशन से जुड़ा हुआ है।
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