फ्लीट कार्ड से 1.05 करोड़ की धोखाधड़ी:कंपनी कर्मी ने पेट्रोल पंप कर्मचारियों से मिलीभगत कर डीजल के बदले नकद लिए, फर्जी लेनदेन का खुलासा
लखनऊ में जीएस एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड और एबको इंफ्रास्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड के फ्लीट कार्ड का दुरुपयोग कर करीब 1.05 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कंपनी की आंतरिक जांच में सामने आया कि कर्मचारी ने पेट्रोल पंप प्रबंधकों और कर्मचारियों की मिलीभगत से फ्लीट कार्ड से डीजल लिया और उसके बदले नकद रुपये हासिल किए। मामले में मुख्य वित्त अधिकारी की शिकायत पर गोमतीनगर पुलिस ने कर्मचारी, पेट्रोल पंप प्रबंधक समेत 10 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। गोमतीनगर विस्तार के गंगा अपार्टमेंट निवासी कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी देवी शंकर सिंह ने डीसीपी पूर्वी दीक्षा शर्मा से शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि कंपनी वर्ष 2020 से इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के फ्लीट कार्ड से डीजल खरीद रही है। इसके संचालन की जिम्मेदारी रहीमनगर फैजुल्लागंज निवासी कर्मचारी फरहान अहमद खान को दी गई थी। जनवरी 2024 से अक्टूबर 2025 तक संदिग्ध लेनदेन कंपनी की आंतरिक जांच में जनवरी 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच जीएस एक्सप्रेस के फ्लीट कार्ड से करीब 90.34 लाख रुपये और एबको इंफ्रास्ट्रक्चर्स के कार्ड से करीब 13.20 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन मिले। आरोप है कि फरहान ने मां सरस्वती सर्विस स्टेशन, एसएसआर फिलिंग स्टेशन, श्री फिलिंग स्टेशन और तेजस फिलिंग स्टेशन से फ्लीट कार्ड के जरिए डीजल लिया और उसके बदले नकद रुपये हासिल किए। जीएस एक्सप्रेस के फ्लीट कार्ड से 90,34,508 रुपए और एबको इंफ्रास्ट्रक्चर्स के कार्ड से 13,19,605 रुपए के लेनदेन का जिक्र शिकायत में किया गया है। जांच के दौरान फरहान ने फ्लीट कार्ड के दुरुपयोग की बात स्वीकार की। कंपनी के लेटरहेड से सीएनजी और ल्यूब्रिकेंट्स का सत्यापन शिकायत के मुताबिक, 12 अक्टूबर 2024 को फरहान ने कंपनी के लेटरहेड का इस्तेमाल कर सीएनजी, ल्यूब्रिकेंट्स और डीएफ के लेनदेन का सत्यापन भी कराया। जबकि कंपनी में इन वस्तुओं का इस्तेमाल ही नहीं होता था। इससे भी कंपनी को फर्जीवाड़े का शक हुआ। पत्नी को डीजल की जगह देते थे नकदी आरोप है कि पेट्रोल पंप के कर्मचारी फरहान की पत्नी को डीजल की जगह नकद रुपए देते थे। बाद में यह रकम फरहान तक पहुंचाई जाती थी। शिकायत में पंप प्रबंधक हरिशंकर पांडेय, आईओसीएल के फील्ड अधिकारी विपुल प्रसाद, कर्मचारी अंकुल कौशल, सुनील सिंह और चार अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है। कंपनी का आरोप है कि फर्जीवाड़े से मिली रकम से फरहान ने फैजुल्लागंज में करीब 500 वर्गफीट और पैकरामऊ में 1,400 वर्गफीट के दो आवासीय भवन, हुंडई कार, महिंद्रा थार और यामाहा बाइक खरीदी। इसके अलावा इंडसइंड बैंक की बर्लिंग्टन शाखा में चार लाख रुपये की एफडी कराए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है। कंपनी के मुताबिक, ठगी की रकम से जुड़े लेनदेन आईआईएम रोड स्थित सरस्वती फिलिंग स्टेशन में भी किए गए। गोमतीनगर पुलिस ने फरहान अहमद खान, उसकी पत्नी, हरिशंकर पांडेय, विपुल प्रसाद, अंकुल कौशल, सुनील सिंह समेत चार अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इंस्पेक्टर बृजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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