प्रयागराज सिविल लाइन्स में बड़े बदलाव की तैयारी:महाकुंभ की डिजाइन फेल, अब एमजी रोड और सरदार पटेल मार्ग होंगे री-डिजाइन
प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान जिस सौंदर्यबोध का ढिंढोरा पीटा गया था, उसके इंजीनियरिंग खामियों की पोल अब खुद प्रशासनिक फैसलों ने खोल दी है। करोड़ों रुपये का बजट फूंक कर तैयार की गई एमजी रोड और सरदार पटेल मार्ग की डिजाइन फेल साबित हुई। इस डिजाइन के कारण रोजाना जाम लगता है। इसलिए महाकुंभ के दौरान बनाए गए डिवाइडर, रेलिंग और अन्य संरचनाओं को तोड़कर इन प्रमुख मार्गों को नए सिरे से री-डिजाइन करने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। बुधवार को मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सिविल लाइन्स के कायाकल्प का यह नया मास्टर प्लान तैयार किया गया। बैठक में कहा गया कि पूर्व में बनाई गई डिजाइन ने सड़क की उपयोगिता बढ़ाने के बजाय ट्रैफिक को और ज्यादा उलझा दिया था। थॉर्नहिल रोड की तर्ज पर होगा री-डिजाइन एमजी रोड पर हनुमान मंदिर चौराहे से लेकर पत्थर गिरजाघर तक सड़क और सर्विस लेन के बीच बना डिवाइडर अब जमींदोज किया जाएगा। महाकुंभ के दौरान सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये खर्च कर यह डिवाइडर और तथाकथित सौंदर्यकरण कराया गया था, जिसने सड़क की चौड़ाई समेट दी और जाम को निमंत्रण दिया। अब इस डिजाइन असफलता को स्वीकारते हुए डिवाइडर हटाकर थॉर्नहिल रोड की तर्ज पर ढलान (स्लोप) तैयार होगी, ताकि गाड़ियां बिना किसी रुकावट के सड़क किनारे व्यवस्थित पार्क हो सकें। सरदार पटेल मार्ग से हटेंगी रेलिंग, बाधक निर्माण होंगे ध्वस्त खरबंदा मोटर्स से विवेकानंद चौराहे तक फुटपाथ पर खड़ी की गई रेलिंग को उखाड़ा जाएगा। सड़क के अनुरूप स्लोप तैयार कर अतिरिक्त पार्किंग स्पेस निकाला जाएगा। री-डिजाइनिंग के रास्ते में आ रहे किसी भी प्रकार के अवरोध, निर्माण या सार्वजनिक शौचालयों को तत्काल प्रभाव से दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। वेंडिंग-फ्री जोन और 'पे-एंड-पार्क' व्यवस्था हनुमान मंदिर से पत्थर गिरजाघर तक 'वेंडिंग-फ्री जोन' घोषित कर दिया गया है। सड़क पर ठेला लगाने वालों और अनधिकृत विक्रेताओं को खदेड़कर वैकल्पिक स्थलों पर भेजा जाएगा। दोनों मुख्य मार्गों पर अब शुल्क आधारित (Pay Park) पार्किंग व्यवस्था लागू होगी। सड़क पर गाड़ी की मरम्मत करने या अवैध कब्जा जमाने वालों पर सीधा एक्शन होगा। मल्टीलेवल पार्किंग का बदल रहा सिस्टम सिविल लाइन्स स्थित बहुमंजिला पार्किंग का ढर्रा भी बदला जा रहा है। अब रोजाना आने-जाने वाले आम वाहन चालकों के लिए निचले तल (Ground/Lower Floor) आरक्षित रहेंगे, जबकि स्थायी या लंबे समय तक पार्क होने वाली गाड़ियों को ऊपरी मंजिलों पर भेजा जाएगा। ई-रिक्शा पर कसने लगा शिकंजा दोनों मार्गों पर बेकाबू ई-रिक्शा और ई-ऑटो के कारण बनने वाले 'बॉटलनेक' से निपटने के लिए नगर निगम और विकास प्राधिकरण को वैकल्पिक रूट तय करने और एक सख्त संयुक्त कार्ययोजना (Joint Action Plan) पेश करने को कहा गया है। प्रीतम नगर में 72 घंटे का अल्टीमेटम प्रीतम नगर व्यापार मंडल की गंभीर शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए मंडलायुक्त ने 60 फीट रोड की ओर जाने वाले रास्ते से 3 दिनों के भीतर अवैध अतिक्रमण, मलबे का ढेर और सभी अनावश्यक अवरोधों को साफ करने का अल्टीमेटम दिया है।
बैठक में विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ऋषिराज, नगर आयुक्त साई तेजा, डीसीपी मनीष शाण्डिल्य और स्थानीय व्यापार मंडलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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