राज ने भाई-बहन के लिए अपनी पढ़ाई छोड़ी थी:झांसी में मां बोलीं-खाने के लिए कहा तो बोला 'आधे घंटे में आ रहा हूं, सुकवा-ढुकवा डैम में मिली बॉडी
झांसी के सुकवा-ढुकवा डैम में डूबने से 22 साल के राज वंशकार की मौत के बाद उसकी मां आरती देवी बार-बार बेटे को याद कर रो पड़ती हैं। घर में राज की छोटी बहन कशिश और 13 साल का भाई समीर भी गुमसुम हैं। परिवार के लिए यह सिर्फ बेटे और भाई को खोने का दुख नहीं है, बल्कि अब घर चलाने की चिंता भी सामने खड़ी है। राज ही परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद था। सीपरी बाजार के पेंच मोहल्ले में रहने वाले कमलेश वंशकार और आरती देवी के तीन बच्चों में राज सबसे बड़ा था। उसके बाद 17 साल की कशिश और 13 साल का समीर हैं। पिता कमलेश का एक पैर खराब है। वह काम नहीं कर पाते। मां आरती लोगों के घरों में काम करके परिवार का खर्च चलाती हैं। परिवार के लिए पढ़ाई छोड़ दी आरती बताती हैं कि राज पढ़ाई में अच्छा था। वह आगे पढ़ना चाहता था, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। साल 2020 में कोरोना के दौरान उनका भी छूट गया। लोगों ने घरों में काम के लिए बुलाना बंद कर दिया। घर में खाने तक की परेशानी होने लगी। ऐसे समय में राज ने अपनी पढ़ाई 8वीं में ही छोड़ दी। उसने मैकेनिक के यहां काम करना शुरू कर दिया। कम उम्र में ही उसने यह समझ लिया था कि घर की जिम्मेदारी अब उसे ही संभालनी है। पैसों के लिए छुट्टी में भी काम करता था राज की मां बताती हैं कि बेटा अपने बारे में कम और भाई-बहन के बारे में ज्यादा सोचता था। वह मेहनत करके उनकी पढ़ाई का खर्च उठाता था। करीब छह महीने पहले उसे स्मार्ट मीटर लगाने की नौकरी मिल गई थी। इसके बाद उसकी कमाई से घर का खर्च चलने लगा। रविवार को उसकी छुट्टी रहती थी, लेकिन अतिरिक्त पैसे कमाने के लिए वह उस दिन भी काम करता था। रविवार को भी वह आधे दिन काम करके घर लौटा था। इसके बाद बाइक लेकर बाहर चला गया और फिर वापस नहीं आया। बहन से बोली-आधे घंटे की बोलकर वापस नहीं लौटे भैया राज की बहन कशिश आखिरी बार भाई से हुई बातचीत को याद कर रो पड़ती है। वह बताती है, "रविवार को भैया काम से लौटे थे। दोपहर के 2 बज गए थे। मैंने कहा कि खाना खा लो। उन्होंने कहा कि अभी आधे घंटे में वापस आ रहा हूं, लौटकर खाना खाऊंगा। इसके बाद वह बाइक लेकर चले गए।" कशिश बताती है कि करीब दो घंटे बाद उसने भाई को फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठा। उस समय परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि यह भाई से उसकी आखिरी बातचीत होगी। बोली आधे घंटे की बोलकर फिर कभी नहीं लौटे। 8 फीट चौड़े घर में रहता है पूरा परिवार परिवार की आर्थिक स्थिति का अंदाजा उनके घर से भी लगाया जा सकता है। पूरा परिवार करीब 240 वर्गफीट के मकान में रहता है। घर करीब 8 फीट चौड़ा और 30 फीट गहरा है। इसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनवाया गया है। अब छोटे से घर में राज की मां, पिता और छोटे भाई-बहन ही रह गए हैं। जिस बेटे ने परिवार का खर्च संभालने के लिए अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी, उसकी मौत के बाद घर के सामने आगे की जिंदगी चलाने की चिंता भी खड़ी हो गई है। रविवार को डैम पहुंचे थे तीनों दोस्त राज रविवार को अपने दोस्तों नीरज वर्मा और रितेश परिहार के साथ बबीना थाना क्षेत्र के सुकवा-ढुकवा डैम पहुंचा था। तीनों नहाने के दौरान डूब गए थे। रविवार से तीनों के लापता होने के बाद तलाश की जा रही थी। मंगलवार को डैम में तीनों के शव उतराते मिले।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)