राजू पाल हत्याकांड में बड़ा फैसला

प्रयागराज के चर्चित राजू पाल हत्याकांड में दोषी करार दिए गए अतीक अहमद के शूटर आबिद को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से सशर्त जमानत मिल गई है। अदालत के इस फैसले के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। विधायक पूजा पाल ने आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देने की बात कही है।

राजू पाल हत्याकांड में बड़ा फैसला

दि राइजिंग न्यूज़ | प्रयागराज | 10 जून 2026

राजू पाल हत्याकांड में आबिद को मिली जमानत

प्रयागराज के बहुचर्चित राजू पाल हत्याकांड में दोषी ठहराए गए अतीक अहमद के शूटर आबिद को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से सशर्त जमानत मिल गई है। अदालत के इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

खंडपीठ ने सुनाया आदेश

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने आबिद की आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए उसे सशर्त जमानत प्रदान की। अदालत ने मामले के विभिन्न तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद यह आदेश पारित किया। न्यायालय ने जमानत के साथ कुछ शर्तें भी निर्धारित की हैं जिनका पालन करना अभियुक्त के लिए अनिवार्य होगा।

2005 में हुई थी सनसनीखेज हत्या

25 जनवरी 2005 को प्रयागराज के धूमनगंज क्षेत्र में तत्कालीन बहुजन समाज पार्टी विधायक राजू पाल की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय यह घटना प्रदेश की सबसे चर्चित आपराधिक और राजनीतिक घटनाओं में गिनी गई थी। हमले में राजू पाल के अलावा देवी लाल पाल और संदीप यादव की भी मृत्यु हो गई थी जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

पूजा पाल की शिकायत पर दर्ज हुआ था मामला

इस हत्याकांड में राजू पाल की पत्नी और वर्तमान विधायक पूजा पाल की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान कई आरोपियों के नाम सामने आए जिनमें माफिया अतीक अहमद और उसके सहयोगियों का नाम भी शामिल था। लंबी न्यायिक प्रक्रिया और सुनवाई के बाद मामले में कई आरोपियों को दोषी करार दिया गया था।

पूजा पाल ने जताई नाराजगी

आबिद को जमानत मिलने के बाद पूजा पाल ने अदालत के फैसले पर असहमति व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि वह इस आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देंगी। उनके अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चतम स्तर पर कानूनी लड़ाई जारी रखी जाएगी।

फिर चर्चा में आया मामला

उच्च न्यायालय के फैसले के बाद राजू पाल हत्याकांड एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। विभिन्न पक्षों की ओर से इस निर्णय पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।