यूट्यूब से शुरू हुई तलाश, आयुष ने सुनाई अपनी कहानी

शामली के कारोबारी आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने एक साक्षात्कार में बताया कि वर्षों तक अध्ययन, धार्मिक साहित्य और इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री के माध्यम से उन्होंने इस्लाम को समझने का प्रयास किया। उन्होंने दावा किया कि उनका निर्णय पूरी तरह व्यक्तिगत था और किसी दबाव या लालच का परिणाम नहीं था। वहीं मामले की जांच एजेंसियां विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

यूट्यूब से शुरू हुई तलाश, आयुष ने सुनाई अपनी कहानी

दि राइजिंग न्यूज़ | शामली | 10 जून 2026

यूट्यूब से शुरू हुई जिज्ञासा का दावा

उत्तर प्रदेश के शामली निवासी कारोबारी आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने धर्म परिवर्तन विवाद के बीच अपनी कहानी साझा करते हुए दावा किया कि उनकी धार्मिक यात्रा किसी एक घटना का परिणाम नहीं थी, बल्कि कई वर्षों तक अध्ययन, चिंतन और सवालों के जवाब तलाशने की प्रक्रिया का हिस्सा थी। उन्होंने कहा कि इस्लाम को अपनाने का फैसला उन्होंने अपनी समझ और अध्ययन के आधार पर लिया तथा इसमें किसी प्रकार का दबाव या लालच शामिल नहीं था।

कागजों में अब भी आयुष मलिक

साक्षात्कार के दौरान आयुष ने बताया कि आधिकारिक दस्तावेजों में उनका नाम अभी भी आयुष मलिक ही दर्ज है। मोहम्मद अली नाम उन्होंने बाद में अपनाया। उनका कहना था कि लोगों को यह लग रहा है कि उन्होंने अचानक धर्म परिवर्तन कर लिया, जबकि वास्तविकता यह है कि यह प्रक्रिया कई वर्षों तक चली।

स्वास्थ्य समस्या के दौरान बढ़ी रुचि

आयुष ने बताया कि एक समय उनका रक्तचाप बढ़ गया था और हाथ कांपने लगे थे। इसी दौरान इंटरनेट पर उन्हें एक वीडियो मिला जिसमें कुछ आयतें पढ़ने की सलाह दी गई थी। उन्होंने कहा कि उस वीडियो के बाद कोई चमत्कार नहीं हुआ, लेकिन उनके मन में कई प्रश्न जरूर पैदा हुए। यही प्रश्न आगे चलकर उन्हें धार्मिक साहित्य और विभिन्न व्याख्यानों तक ले गए।

2007 से शुरू हुआ अध्ययन

आयुष का दावा है कि उन्होंने वर्ष 2007 और 2008 के आसपास इस्लाम के बारे में जानना और पढ़ना शुरू कर दिया था। उन्होंने बताया कि अलग अलग विद्वानों के विचार सुनने, धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन करने और विभिन्न विषयों को समझने में कई वर्ष लगे। उनके अनुसार यह कोई जल्दबाजी में लिया गया फैसला नहीं था।

कई विद्वानों को सुना

बातचीत में आयुष ने बताया कि उन्होंने अनेक इस्लामी विद्वानों के व्याख्यान सुने। इनमें पाकिस्तान के प्रसिद्ध इस्लामी विद्वान डॉ. इशरार अहमद के व्याख्यान भी शामिल थे। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी एक व्यक्ति से प्रभावित नहीं हुए बल्कि विभिन्न स्रोतों से जानकारी प्राप्त कर अपनी समझ विकसित की। उनका कहना था कि वे विशेष रूप से इस्लाम की शिक्षाओं और पैगंबर मोहम्मद के जीवन से प्रभावित हुए।

चांदनी कुरैशी से ऐसे हुई मुलाकात

आयुष ने बताया कि कंधे में लिगामेंट की चोट लगने के बाद वे फिजियोथेरेपी के लिए जाते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात चांदनी कुरैशी से हुई। उन्होंने कहा कि शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती थी, लेकिन समय के साथ संपर्क बढ़ता गया। उनके अनुसार लगभग चार वर्ष पहले दोनों का निकाह भी हो चुका था।

धर्म परिवर्तन पर क्या कहा

धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर आयुष ने कहा कि किसी व्यक्ति के विचार बदलने का निर्णय वह स्वयं लेता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक विद्वान केवल जानकारी दे सकते हैं, लेकिन किसी विचारधारा को स्वीकार करना या नहीं करना पूरी तरह व्यक्ति का व्यक्तिगत निर्णय होता है। आयुष ने दावा किया कि उन्होंने भी अपनी समझ और अध्ययन के आधार पर फैसला लिया।

इंटरनेट की भूमिका पर प्रतिक्रिया

उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग अपने अधिकांश सवालों के जवाब इंटरनेट पर खोजते हैं। धर्म से जुड़े प्रश्नों के उत्तर तलाशने के लिए भी उन्होंने यही तरीका अपनाया। उनका कहना था कि इंटरनेट ने उन्हें जानकारी उपलब्ध कराई, लेकिन अंतिम निर्णय उन्होंने स्वयं लिया।

परिवार से रिश्तों पर क्या बोले

परिवार के साथ संबंधों पर पूछे गए सवाल के जवाब में आयुष ने कहा कि हाल के घटनाक्रमों के कारण परिस्थितियां बदली हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि बातचीत सीमित हुई है, लेकिन परिवार के प्रति किसी प्रकार की नाराजगी या कटुता से इनकार किया। साथ ही उम्मीद जताई कि समय के साथ हालात सामान्य हो जाएंगे।

जांच एजेंसियां कर रही हैं पड़ताल

दूसरी ओर जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की अलग दृष्टिकोण से जांच कर रही हैं। पुलिस और अन्य एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि मामला पूरी तरह व्यक्तिगत आस्था परिवर्तन का है या इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका भी मौजूद है। इसी क्रम में कई लोगों से पूछताछ की गई है तथा कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और सभी दावों व आरोपों का परीक्षण किया जा रहा है।