राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए सपा को चाहिए 12-विधायक:अखिलेश का सरप्राइजिंग कैंडीडेट का वादा, रामगोपाल का नाम तय
सपा राज्यसभा की तीन सीटों पर प्रत्याशी उतार सकती है। एक सीट जीतने के लिए 37 विधायकों की जरूरत होगी। सपा के पास अभी 100 विधायक हैं। इसमें भी एक जेल में हैं। ऐसे में उसके दो कैंडीडेट का राज्यसभा के लिए चुना जाना तय है। तीसरे कैंडीडेट के लिए उसे कम से कम 12 और विधायकों की जरूरत पड़ेगी। इसका इंतजाम कहां से होगा, यह खुलासा पार्टी की ओर से अभी नहीं किया गया है। अखिलेश यादव ने राज्यसभा चुनाव के लिए सोमवार को अपने विधायकों के साथ पार्टी मुख्यालय में बैठक की थी। उन्होंने विधायकों से सुझाव मांगे तो विधायकों ने राज्यसभा प्रत्याशी चुनने के लिए उन्हें ही अधिकृत किया है। इधर विधानभवन के कक्ष संख्या 8 में नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई। यहीं प्रत्याशियों नामांकन जमा किए जाएंगे। पहले दिन 11 पर्चे बिके। इसमें भाजपा ने 8 और समाजवादी पार्टी ने तीन पर्चे खरीदे। तीसरा नाम सरप्राइजिंग होगा सपा की ओर से दो सीट पर राम गोपाल यादव और आलोक रंजन का नाम तय माना जा रहा है। लेकिन, तीसरी सीट पर सस्पेंस बरकरार है। अखिलेश ने मंगलवार को दोबारा अपने विधायकों को पार्टी आफिस बुलाया था। इससे पहले राज्यसभा में नामांकन के लिए पर्चे खरीद लिए गए थे। बैठक में विधायकों से राम गोपाल यादव के पर्चे पर प्रस्तावक के रूप में साइन कराए गए। विधायकों से अभी लखनऊ में ही रुकने को कहा गया है, ताकि अन्य दो प्रत्याशियों के नाम फाइनल होते ही, उनके नामांकन पर भी प्रस्तावकों के हस्ताक्षर कराए जा सकें। उम्मीद की जा रही है कि बुधवार सुबह तक बाकी दो नाम फाइनल होंगे। एक राज्यसभा सदस्य के लिए जरूरी होंगे 37 विधायक यूपी विधानसभा में कुल सीटों की संख्या 403 है। मौजूदा समय में 7 सीटें रिक्त हैं। यानी मौजूदा समय में 396 विधायक हैं। राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव होना है। राज्यसभा चुनाव के लिए जो फार्मूला अपनाया जाएगा, वह 396/10+1 होगा। यानी 396 को 11 से भाग देने पर जो संख्या आएगी उसमें एक जोड़ा जाएगा। यानी एक सदस्य को चुनने के लिए 37 प्रथम वरीयता वोट की जरूरत पड़ेगी। सपा के पास मौजूदा समय में 100 विधायक ही हैं। इसमें से भी रमाकांत यादव जेल में बंद हैं। यानी संख्या घटकर 99 रह जाती है। ऐसे में सपा को तीसरे प्रत्याशी को जिताने के लिए कम से कम 12 और वोटों की जरूरत पड़ेगी। सपा को ऐसे प्रत्याशी की तलाश है, जो इस अंतर को खत्म कर सके। वहीं, भाजपा को आठवां कैंडीडेट जिताने के लिए कम से कम 25 वोटों की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में दूसरी वरीयता और तीसरी वरीयता के वोटों की गिनती अहम हो जाती है। इसके लिए विधायकों को बकायदा प्रशिक्षण दिया जाता है कि किस विधायक को किस कैंडीडेट के लिए प्रथम वरीयता पर रखना, किसे दूसरी और तीसरी वरीयता पर। इसी तरह गिनती में निर्धारित कोटे तक पहुंचने पर संबंधित प्रत्याशी को विजयी घोषित कर दिया जाता है। ऐसे में अगर चुनाव होता है तो क्रास वोटिंग तय है। बुधवार को सपा के प्रत्याशी करेंगे नामांकन वहीं, बुधवार को दिल्ली में होने वाली इंडिया ब्लॉक की बैठक में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के न पहुंचने की वजह राज्यसभा उम्मीदवारों का पर्चा दाखिला बताया जा रहा है। दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि अखिलेश यादव को भी बैठक में बुुलाया गया है, लेकिन उन्होंने राज्यसभा उम्मीदवारों के नामांकन का हवाला दिया है और वे अपने प्रतिनिधि काे बैठक में भेजेंगे। ----------------------------------------- विधायक कोटे का MLC चुनाव भी नवंबर-दिसंबर में!: जनवरी में 10 सीटें खाली होंगी; आचार संहिता के चलते 2 महीने पहले इलेक्शन विधान परिषद में विधायक कोटे की 10 सीटों पर नवंबर-दिसंबर में चुनाव हो सकते हैं। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 30 जनवरी, 2027 को खत्म हो रहा है। यूपी विधानसभा चुनाव के चलते जनवरी में आचार संहिता लागू हो सकती है। ऐसे में इन सीटों पर जनवरी की जगह एक-दो महीने पहले चुनाव कराए जा सकते हैं। वैसे भी चुनाव आयोग ने शिक्षक और स्नातक निर्वाचन कोटे की 11 सीटों पर अक्टूबर में चुनाव कराने की घोषणा की है। पूरी खबर पढ़ें…
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