एनकाउंटर के बाद गाजीपुर में बवाल

गाजीपुर में इनामी आरोपी कमलेश बिंद के एनकाउंटर के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें सीओ समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने 60 से 70 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जबकि परिजनों ने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

एनकाउंटर के बाद गाजीपुर में बवाल

दि राइजिंग न्यूज़। गाजीपुर। 06 जून 2026

कमलेश बिंद का शव गांव पहुंचते ही पुलिस पर पथराव, सीओ समेत 5 पुलिसकर्मी घायल

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक लाख रुपये के इनामी आरोपी कमलेश बिंद के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। पोस्टमार्टम के बाद जब कमलेश बिंद का शव उसके गांव लाया गया तो परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया और पुलिस टीम पर पथराव शुरू हो गया। इस घटना में सीओ सिटी समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाना पड़ा। बाद में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई गई।

विनीत राय हत्याकांड का मुख्य आरोपी था कमलेश

पुलिस के मुताबिक कमलेश बिंद होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। हाल ही में पुलिस मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे इलाके में चर्चा और विवाद का माहौल बना हुआ है। कमलेश बिंद के खिलाफ वर्ष 2017 से 2026 के बीच कई आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। इनमें आबकारी अधिनियम के उल्लंघन, मारपीट, बलवा, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं के मामले शामिल थे।

शव लेकर जा रही पुलिस टीम पर हमला

जानकारी के अनुसार पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद पुलिस परिजनों की मौजूदगी में कमलेश बिंद का शव अंतिम संस्कार के लिए गांव ले जा रही थी। इसी दौरान फुल्लनपुर क्रॉसिंग के पास बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं एकत्र हो गईं। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ ही देर में माहौल तनावपूर्ण हो गया और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसके बाद भीड़ के एक हिस्से ने पुलिस पर पथराव कर दिया। अचानक हुए इस हमले में सीओ सिटी शेखर सेंगर समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त फोर्स मौके पर तैनात की गई।

पुलिस ने 60 से 70 लोगों पर दर्ज किया केस

गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. इरज राजा ने बताया कि कुछ अराजक तत्वों ने जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की। पुलिस ने इस मामले में 60 से 70 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। एसपी ने कहा कि कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस का दावा है कि कुछ लोगों ने भीड़ को उकसाकर हिंसक प्रदर्शन कराया, जिसकी भी जांच की जा रही है।

परिजनों ने लगाया फर्जी एनकाउंटर का आरोप

दूसरी ओर कमलेश बिंद के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मृतक के बड़े भाई संजय चौधरी ने आरोप लगाया कि कमलेश को मुठभेड़ में नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से मारा गया है। परिवार का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

पत्नी बोलीं- मेरे पति निर्दोष थे

कमलेश बिंद की पत्नी मनीषा कुमारी ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पति निर्दोष थे और उन्हें गलत तरीके से इस मामले में फंसाया गया। रोते हुए मनीषा ने बताया कि उनकी शादी 27 अप्रैल 2026 को हुई थी और शादी को अभी कुछ ही सप्ताह हुए थे। उन्होंने कहा कि जिस तरह विनीत राय के परिवार को न्याय चाहिए, उसी तरह उनके परिवार को भी न्याय मिलना चाहिए। परिवार का आरोप है कि होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड में कमलेश की कोई भूमिका नहीं थी और उसे साजिश के तहत आरोपी बनाया गया।

गांव में तनाव, पुलिस अलर्ट

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। गांव और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और पूरे मामले की जांच जारी है।