रामपुर के वृद्धाश्रम में श्रीमद्भागवत कथा:कथावाचक बोले- बुजुर्गों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म
रामपुर में श्राद्ध पक्ष के पावन अवसर पर पितरों की शांति एवं मोक्ष की कामना को लेकर स्थानीय वृद्धाश्रम में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। शुभारंभ से पूर्व मुख्य यजमान ऊषा महेंदी रत्ता ने विधि-विधान से भागवत पूजन किया। इसके पश्चात आश्रम में निवासरत वृद्धजनों और श्रद्धालुओं ने कथा व्यास आचार्य पंडित मुमुक्षु कृष्ण दद्दा जी महाराज के श्रीमुख से कथा का श्रवण किया। कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि मनुष्य को सेवा, सदाचार और संस्कारों का मार्ग दिखाने वाली अमूल्य धरोहर है। श्राद्ध पक्ष में पूर्वजों का स्मरण करते हुए धार्मिक कार्य करना सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने चार आश्रमों—ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ व संन्यास तथा सोलह संस्कारों की महत्ता समझाते हुए माता-पिता की सेवा, वृद्धजनों के सम्मान और जरूरतमंदों की सहायता को जीवन का सर्वोच्च कर्तव्य बताया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा आश्रम परिसर भक्तिमय हो उठा। मौके पर गोसेवा गोपाल सेवा समिति के अध्यक्ष संदेश अग्रवाल, नीतू खरेजा, रंजना भारद्वाज, रीना शर्मा, पूजा अर्चना गुप्ता, श्वेता, अंजली, गीता खंडेलवाल, संतोष अरोड़ा, रीता रोरा, श्वेता वर्मा, मुक्ता गुप्ता, राज कुमार सिंह, विष्णु शरण अग्रवाल और राधेश्याम यादव सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
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