सोने की कीमत घटी, भंडार नहीं बेचा गया: आरबीआई

भारतीय रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि देश का सोने का भंडार पूरी तरह सुरक्षित और बरकरार है। साप्ताहिक रिपोर्ट में दर्ज 2.19 अरब डॉलर की गिरावट केवल मूल्यांकन में बदलाव का परिणाम है। गवर्नर संजय मल्होत्रा और प्रेस सूचना ब्यूरो दोनों ने सोना बेचने की खबरों को गलत बताया है। वर्तमान में भारत का भौतिक सोना भंडार 880.52 टन पर स्थिर है और कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।

सोने की कीमत घटी, भंडार नहीं बेचा गया: आरबीआई

दि राइजिंग न्यूज़। नई दिल्ली। 07 जून 2026

सोने के भंडार को लेकर उठे सवालों पर आरबीआई की सफाई

भारतीय रिजर्व बैंक की ताजा साप्ताहिक रिपोर्ट सामने आने के बाद देश के विदेशी मुद्रा भंडार और सोने के भंडार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। रिपोर्ट में 29 मई 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान सोने के भंडार के मूल्य में 2.19 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई थी। इसके बाद बाजार में यह चर्चा शुरू हो गई कि कहीं केंद्रीय बैंक ने अपने सोने के भंडार का कुछ हिस्सा बेच तो नहीं दिया। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इन सभी अटकलों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि केंद्रीय बैंक ने सोना नहीं बेचा है और देश के सोने के भंडार में मामूली वृद्धि हुई है।


मूल्य घटा, भंडार नहीं

आरबीआई के अनुसार 29 मई 2026 तक देश के सोने के भंडार का मूल्य 112.60 अरब डॉलर दर्ज किया गया। इससे पहले के सप्ताह की तुलना में इसमें 2.19 अरब डॉलर की गिरावट देखने को मिली। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि यह गिरावट सोने की वास्तविक मात्रा में कमी के कारण नहीं हुई, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों और मुद्रा विनिमय दरों में बदलाव के कारण मूल्यांकन घटा है। आरबीआई ने बताया कि सोने के भंडार का आकलन अमेरिकी डॉलर में किया जाता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव होने पर भंडार का मूल्य बदल सकता है, भले ही वास्तविक सोना उतना ही बना रहे।


विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में आई मजबूती

जहां सोने के भंडार के मूल्य में गिरावट दर्ज की गई, वहीं विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली। रिपोर्ट के अनुसार विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 3.12 अरब डॉलर बढ़कर 546.15 अरब डॉलर तक पहुंच गईं। यह देश के विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा माना जाता है विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में वृद्धि ने कुल भंडार की स्थिति को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


गवर्नर ने कहा- सोना नहीं बेचा गया

मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जब गवर्नर संजय मल्होत्रा से सोने की बिक्री को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ऐसी खबरों का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक ने सोना नहीं बेचा है और उसके सोने के भंडार में मामूली वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मूल्य में आई गिरावट को सोने की बिक्री से जोड़ना गलत है।


विश्लेषण रिपोर्ट के बाद बढ़ी थीं अटकलें

हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विश्लेषण में यह अनुमान लगाया गया था कि दो सप्ताह की अवधि के दौरान लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचा गया हो सकता है। इस रिपोर्ट के बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि केंद्रीय बैंक ने रुपये को स्थिर रखने या विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए सोने का उपयोग किया होगा। लेकिन आरबीआई ने इन सभी दावों को तथ्यहीन बताते हुए खारिज कर दिया।


880.52 टन पर स्थिर है सोने का भंडार

केंद्रीय बैंक के अनुसार भारत के पास मौजूद भौतिक सोने का भंडार 880.52 टन पर स्थिर बना हुआ है। आरबीआई ने कहा कि सोने की मात्रा में कोई कमी नहीं आई है और केवल अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकन में बदलाव के कारण कुल मूल्य में उतार-चढ़ाव दिखाई दे रहा है।


प्रेस सूचना ब्यूरो ने भी किया खंडन

सरकार की तथ्य जांच इकाई प्रेस सूचना ब्यूरो ने भी सोना बेचने संबंधी खबरों को भ्रामक और गलत बताया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। सितंबर 2025 के अंत में यह हिस्सेदारी 13.92 प्रतिशत थी, जो मार्च 2026 के अंत तक बढ़कर 16.70 प्रतिशत हो गई। वहीं 22 मई 2026 तक यह और बढ़कर 16.85 प्रतिशत दर्ज की गई।


वैश्विक उतार-चढ़ाव का असर

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का असर सोने के मूल्यांकन पर दिखाई दे रहा है। ऐसी परिस्थितियों में भंडार का मूल्य घट-बढ़ सकता है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि केंद्रीय बैंक ने अपने भंडार में कटौती की है।