चीन की सख्ती से भारतीय लाल मिर्च निर्यात पर संकट

भारत से निर्यात होने वाली सूखी लाल मिर्च पर चीन ने सख्ती दिखाई है। मिर्च में जहरीले कीटनाशक मेथामिडोफोस के अवशेष मिलने के बाद तीन खेपों को खारिज कर दिया गया और तीन भारतीय निर्यातकों पर रोक लगा दी गई है।

चीन की सख्ती से भारतीय लाल मिर्च निर्यात पर संकट

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 12 जून 2026

भारत से निर्यात होने वाली सूखी लाल मिर्च पर चीन की सख्ती के बाद व्यापार जगत में चिंता बढ़ गई है। चीन ने भारतीय लाल मिर्च की कम से कम तीन खेपों को खारिज कर दिया है और तीन भारतीय निर्यातकों को निलंबित कर दिया है। इसकी वजह मिर्च में मेथामिडोफोस नाम के जहरीले कीटनाशक के अवशेष पाए जाना बताया जा रहा है।

चीन भारत की लाल मिर्च का बड़ा खरीदार

भारत की सूखी लाल मिर्च का बड़ा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय बाजार में जाता है और चीन इसके सबसे बड़े खरीदारों में शामिल है। ऐसे में निर्यात खेपों के रुकने से किसानों और निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है। मामला सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि खाद्य सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों से भी जुड़ा हुआ है।

क्या है मेथामिडोफोस

मेथामिडोफोस एक बेहद जहरीला ऑर्गेनोफॉस्फेट कीटनाशक है। इसका इस्तेमाल खेतों में कीटों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। यह शरीर के तंत्रिका तंत्र पर सीधा असर डाल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर यह अधिक मात्रा में भोजन के जरिए शरीर में पहुंच जाए तो इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

शरीर पर पड़ सकता है खतरनाक असर

मेथामिडोफोस के संपर्क में आने पर अधिक लार आना, उल्टी, पसीना, मांसपेशियों में कमजोरी, सांस लेने में परेशानी और गंभीर स्थिति में तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञ इसे अधिक मात्रा में लेने पर तेज जहरीले प्रभाव वाला रसायन मानते हैं।

खेती में कैसे पहुंचता है यह रसायन

मेथामिडोफोस कई बार सीधे इस्तेमाल के अलावा दूसरे कीटनाशक के जरिए भी फसल तक पहुंच सकता है। किसान ऐसिफेट नाम के कीटनाशक का इस्तेमाल करते हैं, जो रासायनिक प्रक्रिया के बाद मेथामिडोफोस में बदल सकता है। इसके अवशेष सूखी मिर्च, शिमला मिर्च और अन्य मसालों में लंबे समय तक रह सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त नियम

दुनिया की खाद्य सुरक्षा एजेंसियां ऐसे रसायनों को लेकर काफी सतर्क रहती हैं। यूरोपीय संघ ने मेथामिडोफोस के लिए अधिकतम सीमा तय कर रखी है। तय सीमा से ज्यादा मात्रा मिलने पर खाद्य सामग्री की खेप को रोक दिया जाता है। अंतरराष्ट्रीय खाद्य निगरानी व्यवस्था ऐसे मामलों पर नजर रखती है ताकि बाजार में असुरक्षित उत्पाद न पहुंचें।

चीन ने क्यों लौटाई खेप

चीन का कहना है कि भारतीय लाल मिर्च में मेथामिडोफोस की मात्रा तय मानकों से अधिक पाई गई, जिसके कारण खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई की गई। तीन कंपनियों के निर्यात पर रोक लगाने के साथ कई खेपों को वापस भेज दिया गया।

समस्या से बचने के लिए क्या जरूरी

विशेषज्ञों के मुताबिक किसानों को कीटनाशकों का संतुलित इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा खेती के बेहतर तरीके अपनाने, फसल की जांच बढ़ाने और कम जहरीले विकल्पों का इस्तेमाल करने की जरूरत है। मेथामिडोफोस का मामला सिर्फ एक रसायन का नहीं है, बल्कि खाद्य सुरक्षा, किसानों की आय और भारतीय मसालों की वैश्विक छवि से जुड़ा बड़ा मुद्दा है। समय रहते सुधार नहीं किए गए तो इसका असर भारतीय मसाला निर्यात पर पड़ सकता है।