शामली में सपा नेताओं का भाजपा पर निशाना:बोले- स्नातक मतदाता सूची में फर्जीवाड़ा हुआ, जनता वोट से देगी जवाब
समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप ने बुधवार दोपहर 12 बजे शामली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था, आरक्षण, बेरोजगारी और शिक्षा के मुद्दे पर सवाल उठाए। कश्यप ने कहा कि सरकार के कामकाज को लेकर जनता सवाल कर रही है और चुनाव में अपने वोट से जवाब देगी। पंचायत आरक्षण में बदलाव पर मांगा जवाब राजपाल कश्यप ने पंचायतों में आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि 22 पंचायतों में 10,514 पदों के आरक्षण में बदलाव हुए हैं। उन्होंने सरकार से इन बदलावों का आंकड़ों के साथ जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या ने भी व्यवस्थाओं की स्थिति सामने ला दी है। सरकारी स्कूलों की संख्या कम होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि इसका असर गरीब बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है। सरकार से शिक्षा, रोजगार और आरक्षण को लेकर किए जा रहे दावों का हिसाब जनता को देने की मांग की। गन्ना किसानों और आपदा प्रभावितों का मुद्दा उठाया कश्यप ने गन्ना किसानों के भुगतान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसानों को समय पर भुगतान और देरी होने पर ब्याज देने का वादा किया गया था। उन्होंने सरकार से किसानों का भुगतान समय से कराने की मांग की। हाल की बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का जिक्र करते हुए उन्होंने प्रभावित किसानों और परिवारों को मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि नुकसान का सर्वे कराकर पीड़ितों को राहत दी जानी चाहिए। कानून व्यवस्था और अपराध पर सवाल राजपाल कश्यप ने प्रदेश में हुई हत्या और अन्य आपराधिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग जिलों में गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं और सरकार को इन मामलों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे विपक्षी नेताओं को पुलिस ने रोका था। उनके मुताबिक, वाहन रोकने के बाद पैदल जाने से भी रोकने का प्रयास किया गया। बाद में धरने पर बैठने के बाद पीड़ित परिवार से मुलाकात कराई गई। मीडिया पर दबाव का लगाया आरोप कश्यप ने मीडिया को लेकर भी सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार विज्ञापनों के जरिए अपनी छवि पेश कर रही है, जबकि जमीनी समस्याएं उठाने वाले पत्रकारों और यूट्यूबरों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों या जनसमस्याओं पर सवाल उठाने वालों पर दबाव बनाया जाता है। उन्होंने पत्रकारों को बिना दबाव के जनता की आवाज उठाने का अवसर देने की बात कही। सपा-कांग्रेस गठबंधन पर बोले- शीर्ष नेतृत्व करेगा फैसला सपा-कांग्रेस गठबंधन से जुड़े सवाल पर कश्यप ने कहा गठबंधन कायम है। सीटों के बंटवारे पर उन्होंने कहा अंतिम फैसला दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व बातचीत के आधार पर करेगा। उन्होंने किसी नेता के व्यक्तिगत बयान को पार्टी का आधिकारिक निर्णय मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी आगामी चुनाव की तैयारी कर रही है और संगठन स्तर पर काम चल रहा है। पार्टी अपनी चुनावी रणनीति की सभी बातें सार्वजनिक नहीं करेगी। वोट चोरी के आरोपों को लेकर लड़ाई जारी रखने की बात राजपाल कश्यप ने चुनाव प्रक्रिया में वोट चोरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मतदाता सूची और मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी लगातार आवाज उठाएगी। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में बेरोजगारी, किसान, कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, आरक्षण और लोकतांत्रिक अधिकार जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। स्नातक मतदाता सूची में फर्जीवाड़े का आरोप इसी दौरान सपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ताना ने मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में फर्जीवाड़े का आरोप लगाया। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी शामली समेत निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को ज्ञापन देकर उच्चस्तरीय जांच और आरोप सही पाए जाने पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। निजी कार्यालयों में पंजीकरण कराने का आरोप सपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों से मिलीभगत कर निजी कार्यालयों में मतदाता पंजीकरण का काम करा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में वीडियो और फोटो उनके पास हैं, जिन्हें ज्ञापन के साथ पेनड्राइव और अन्य दस्तावेजों के रूप में दिया गया है। ज्ञापन के मुताबिक, एक वीडियो में निजी कार्यालय में कथित तौर पर मतदाता पंजीकरण का काम करते लोग दिखाई दे रहे हैं और बड़ी संख्या में वोट बनवाने का दावा किया जा रहा है। फॉर्म-18 और दस्तावेज जुटाने का भी आरोप सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि गाजियाबाद समेत अन्य जिलों के निर्वाचन अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमों के विपरीत बड़ी संख्या में फॉर्म-18 उपलब्ध कराए जाने और मतदाता पंजीकरण कराने का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञापन में मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से संभावित प्रत्याशियों के रूप में दिनेश कुमार गोयल, विपिन गुप्ता और विशाल अग्रवाल के नामों का उल्लेख किया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों तथा विश्वविद्यालयों से स्नातक कर चुके लोगों के आधार कार्ड, फोटो और अंकपत्र जैसे दस्तावेज कथित तौर पर बिना सहमति हासिल कर मतदाता पंजीकरण में इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप लगाया। जांच और कार्रवाई की मांग सपा जिलाध्यक्ष ने जिला निर्वाचन अधिकारी, मेरठ मंडल के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए नाम शामिल करने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एमएलसी किरणपाल कश्यप, सपा जिलाध्यक्ष चौधरी सुरेंद्र सिंह ताना, एलम की पूर्व चेयरमैन दीपा पंवार समेत पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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