शेयर बाजार में महाभूचाल: सेंसेक्स 1100 अंक टूटा, निवेशकों के 5.56 लाख करोड़ रुपये डूबे...

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 1100 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी में 400 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते निवेशकों के 5.56 लाख करोड़ रुपये डूब गए।

शेयर बाजार में महाभूचाल: सेंसेक्स 1100 अंक टूटा, निवेशकों के 5.56 लाख करोड़ रुपये डूबे...

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली । 29 मई 2026

देश के शेयर बाजार में शुक्रवार को उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब कारोबार के दौरान अचानक तेज बिकवाली शुरू हो गई। देखते ही देखते बाजार में गिरावट इतनी बढ़ गई कि सेंसेक्स करीब 1100 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी में लगभग 400 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई। बाजार में आई इस बड़ी कमजोरी ने लाखों निवेशकों को तगड़ा झटका दिया। कुछ ही घंटों के भीतर निवेशकों की करोड़ों नहीं बल्कि लाखों करोड़ रुपये की पूंजी साफ हो गई। बाजार बंद होने तक निवेशकों के चेहरों पर डर और चिंता साफ दिखाई दे रही थी।


कारोबार शुरू होते ही सामान्य था बाजार, फिर अचानक बढ़ी बिकवाली

शुक्रवार सुबह शेयर बाजार की शुरुआत सामान्य रुख के साथ हुई थी। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, लेकिन कुछ ही समय बाद अचानक बड़े निवेशकों ने बिकवाली शुरू कर दी। धीरे-धीरे यह दबाव पूरे बाजार में फैल गया और लगभग हर क्षेत्र के शेयर टूटने लगे। निवेशकों ने तेजी से मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार का संतुलन बिगड़ गया।दोपहर तक हालात इतने खराब हो गए कि बाजार में लगातार गिरावट का दौर तेज हो गया। छोटे निवेशकों में डर फैलने लगा और कई लोगों ने नुकसान से बचने के लिए अपने शेयर बेचना शुरू कर दिए। बाजार में गिरावट का असर हर तरफ दिखाई देने लगा। दलाल स्ट्रीट में कारोबारियों के बीच बेचैनी का माहौल बन गया और कई निवेशकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा।


विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बढ़ाया दबाव

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भारतीय शेयर बाजार की सबसे बड़ी कमजोरी बनती जा रही है। वर्ष 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से करीब 2.20 लाख करोड़ रुपये निकाल लिए हैं। लगातार पूंजी बाहर जाने से बाजार में भरोसा कमजोर हुआ है और निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा है।विदेशी निवेशक इस समय वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय तनाव को देखते हुए सुरक्षित निवेश की तरफ बढ़ रहे हैं। यही वजह है कि भारतीय बाजार में लगातार बिकवाली बढ़ती जा रही है। विदेशी निवेशकों की इस रणनीति ने घरेलू बाजार को भारी दबाव में ला दिया है और बाजार में स्थिरता खत्म होती दिखाई दे रही है।


निवेशकों के 5.56 लाख करोड़ रुपये डूबे

शुक्रवार की इस बड़ी गिरावट ने निवेशकों की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया। बॉम्बे शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार को कुल बाजार पूंजीकरण लगभग 470.75 लाख करोड़ रुपये था, लेकिन शुक्रवार की गिरावट के बाद इसमें करीब 5.56 लाख करोड़ रुपये की बड़ी कमी दर्ज की गई।कुछ ही घंटों के भीतर निवेशकों की इतनी बड़ी रकम साफ हो जाना बाजार के लिए बेहद चिंताजनक माना जा रहा है। छोटे और मध्यम निवेशकों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। कई लोगों की वर्षों की जमा पूंजी बाजार में आई इस गिरावट की भेंट चढ़ गई। बाजार में लगातार गिरावट से आम निवेशकों के बीच डर और असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।


बैंकिंग, प्रौद्योगिकी और वाहन क्षेत्र में भारी गिरावट

शुक्रवार को आई इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर बैंकिंग, प्रौद्योगिकी और वाहन क्षेत्र की कंपनियों पर देखने को मिला। बड़े निजी बैंकों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई, जिससे बैंकिंग सूचकांक तेजी से नीचे आ गया। इसके अलावा प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयर भी दबाव में दिखाई दिए।वाहन क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के शेयरों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी निवेशकों की निकासी और वैश्विक बाजारों में कमजोरी का सबसे ज्यादा असर इन्हीं क्षेत्रों पर पड़ा है। कई दिग्गज कंपनियों के शेयर एक ही दिन में बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे निवेशकों का भरोसा और कमजोर पड़ गया।


अंतरराष्ट्रीय बाजारों की कमजोरी का भी असर

भारतीय शेयर बाजार पर अंतरराष्ट्रीय बाजारों की कमजोरी का भी साफ असर देखने को मिला। दुनिया के कई बड़े देशों में आर्थिक सुस्ती की आशंका लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बाद भारतीय निवेशकों ने भी सतर्क रुख अपनाया। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैश्विक बाजारों में स्थिरता नहीं लौटती, तब तक भारतीय बाजार में भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। यही वजह है कि निवेशक इस समय बेहद सावधानी से कारोबार कर रहे हैं।


छोटे निवेशकों में सबसे ज्यादा डर

बाजार में अचानक आई इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर छोटे निवेशकों पर पड़ा है। कई निवेशकों ने डर के कारण जल्दबाजी में अपने शेयर बेच दिए। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि घबराहट में लिया गया फैसला अक्सर नुकसान बढ़ा देता है। हालांकि मौजूदा माहौल में निवेशकों के बीच डर और अनिश्चितता साफ दिखाई दे रही है। निवेशकों को सलाह दी है कि वे बाजार की स्थिति को समझकर ही कोई बड़ा फैसला लें। आने वाले दिनों में बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल बाजार का माहौल पूरी तरह दबाव में दिखाई दे रहा है और निवेशकों की नजर अब अगले कारोबारी सप्ताह पर टिकी हुई है।