शराब की दुकान विवाद: अधिकारियों पर एफआईआर के आदेश:पीलीभीत में कोर्ट ने थानाध्यक्ष को मुकदमा दर्ज कर रिपोर्ट पेश करने के दिए निर्देश
पीलीभीत के माधोटांडा क्षेत्र में शराब की दुकान हटाने के विवाद में अपर सत्र न्यायाधीश राम किशोर की अदालत ने सख्त आदेश दिया है। अदालत ने कलीनगर के एसडीएम प्रमेश कुमार, तहसीलदार वीरेंद्र कुमार, आबकारी निरीक्षक दीपक कुमार, नायब तहसीलदार अक्षय कुमार, राजस्व निरीक्षक और पुलिसकर्मियों समेत कई अधिकारियों के खिलाफ 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। माधोटांडा थानाध्यक्ष को मुकदमा दर्ज कर इसकी रिपोर्ट तत्काल अदालत में पेश करनी होगी। स्कूल और मंदिर के पास शराब की दुकान होने का आरोप शिकायतकर्ता शीतल के मुताबिक, बूंदीभूड़ चौराहे पर खटीमा मुख्य मार्ग के किनारे लालदेव यादव ने अपनी दुकानें शराब ठेके के लिए किराए पर दी हैं। उनका आरोप है कि शराब की दुकान स्कूल और मंदिर से करीब 100 से 150 मीटर की दूरी पर है, जो आबकारी नीति के मानकों के विपरीत है। शिकायतकर्ता के अनुसार, ग्रामीणों ने इस संबंध में जिलाधिकारी से शिकायत की थी। उस समय दुकान हटवाने का भरोसा दिया गया, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। महिलाओं के विरोध पर लाठीचार्ज का आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 7 मई को दोपहर करीब 2 बजे एसडीएम, तहसीलदार, आबकारी निरीक्षक और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अधिकारियों की मौजूदगी में शराब की बिक्री शुरू कराई गई। शीतल के मुताबिक, महिलाओं ने इसका विरोध किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसमें शीतल और उनकी मां घायल हो गईं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। एसपी से शिकायत के बाद कोर्ट पहुंचा मामला शिकायतकर्ता के अनुसार, थाने में सुनवाई नहीं होने के बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक से भी शिकायत की, लेकिन वहां से भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत में लगाए गए आरोपों पर सुनवाई के बाद संबंधित अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट ने माधोटांडा थानाध्यक्ष को 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
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