सीएचसी रूदौली में एक महीने से सिजेरियन प्रसव ठप:महिला डॉक्टर न होने से गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल भेजा जा रहा, परिजन परेशान
अयोध्या जिले के सीएचसी रुदौली में करीब एक माह से सिजेरियन प्रसव की सुविधा प्रभावित है। महिला चिकित्सक के नियमित ड्यूटी पर न आने के कारण जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। इससे प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं के साथ उनके परिजनों को भी अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई महिलाएं मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख कर रही हैं। सीएचसी में तैनात महिला चिकित्सक डॉ. फातिमा हसन रिजवी करीब 20 दिनों से अस्पताल नहीं आ रही हैं। उनकी अनुपस्थिति का असर 16 सितंबर को आयोजित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर भी पड़ा। सीएचसी अधीक्षक डॉ. रवींद्र शुक्ला ने बताया कि डॉ. फातिमा ने निजी समस्या के चलते अस्पताल आने में असमर्थता जताई है। इसकी जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दे दी गई है और महिला चिकित्सक की तैनाती की मांग की गई है। शुक्रवार 25 सितंबर को सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि इस समस्या से जिलाधिकारी और सीएमओ को भी अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि महिला चिकित्सक के ड्यूटी पर लौटने के बाद सिजेरियन प्रसव की सुविधा फिर से नियमित रूप से शुरू हो सकेगी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहले सीएचसी में गर्भवती महिलाओं को उपचार और प्रसव की सुविधाएं मिल रही थीं, लेकिन करीब दो माह से समस्या बढ़ गई है। सिजेरियन प्रसव की सुविधा प्रभावित होने से गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है। वहीं, कुछ महिलाएं निजी अस्पतालों में उपचार कराने को मजबूर हैं। इससे उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में बड़ी संख्या में महिलाएं उपचार के लिए पहुंचती हैं। महिला चिकित्सक की अनुपस्थिति में कई मरीजों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने में दिक्कत हो रही है और उन्हें दूसरे अस्पतालों के लिए रेफर करना पड़ रहा है।
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