वन्दे मातरम् के 150वें वर्ष पर सामूहिक गायन:बच्चों ने एक साथ, एक लय और एक स्वर में वन्दे मातरम् गाया
सम्भल के नरौली में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से जुड़े सरस्वती शिशु मंदिर में शुक्रवार सुबह 11 बजे ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम हुआ। यह कार्यक्रम वन्दे मातरम् के 150वें वर्ष के मौके पर आयोजित किया गया था। इसका मुख्य संदेश था ‘एक समय, एक लय, एक स्वर—वन्दे मातरम्’। इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने एक साथ, एक लय और एक स्वर में वन्दे मातरम् का सामूहिक गायन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जगतपाल ने की। मुख्य अतिथि के तौर पर महेश चंद्र शर्मा और मुख्य वक्ता के तौर पर थान सिंह मौजूद रहे। मुख्य वक्ता थान सिंह ने विद्यार्थियों को वन्दे मातरम् के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व के बारे में बताया। उन्होंने गीत के भाव, संदेश और देश के प्रति समर्पण की भावना से छात्रों को परिचित कराया। उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् भारतीय लोगों में राष्ट्रप्रेम और मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना दिखाने वाला एक महत्वपूर्ण गीत है। मुख्य वक्ता के भाषण के बाद, विद्यालय के सभी विद्यार्थियों ने मिलकर वन्दे मातरम् गाया। इस दौरान विद्यालय परिसर देशभक्ति के माहौल से गूंज उठा। विद्यार्थियों ने पूरे अनुशासन और एकरूपता के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में प्रबंध समिति से राकेश शर्मा, सर्वेश कुमार और मुकेश शर्मा भी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश कुमार शर्मा ने किया। इस मौके पर आचार्य ब्रजेश, आचार्या शिवानी, मधुवाला, राधा, रीना, समीक्षा और शालिनी सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के आखिर में राष्ट्रभक्ति, एकता और मातृभूमि के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया। विद्यालय परिवार ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को राष्ट्रीय भावनाओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने के लिए बहुत जरूरी हैं।
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