सिंचाई विभाग का बाबू रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार:अलीगढ़ में जीपीएफ के 3 लाख निकालने के लिए ली 6 हजार की रिश्वत, एंटी करप्शन ने ट्रैप लगाकर कार्यालय में ही दबोचा

Oct 01, 2026 - 16:00
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सिंचाई विभाग का बाबू रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार:अलीगढ़ में जीपीएफ के 3 लाख निकालने के लिए ली 6 हजार की रिश्वत, एंटी करप्शन ने ट्रैप लगाकर कार्यालय में ही दबोचा
अलीगढ़ में सरकारी दफ्तर में रिटायर्ड कर्मचारी से रिश्वत मांगना सिंचाई विभाग के एक बाबू को भारी पड़ गया। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का विभागीय काम देखने वाले वरिष्ठ सहायक आशीष कुमार माथुर को एंटी करप्शन टीम ने गुरुवार दोपहर करीब दो बजे 6 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोप है कि वह जून में सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भूप सिंह के करीब 3 लाख रुपए के जीपीएफ का भुगतान कराने के एवज में रिश्वत मांग रहा था। तीन महीने तक विभाग के चक्कर लगाने और रिश्वत की मांग से परेशान भूप सिंह ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की। इसके बाद टीम ने जाल बिछाया और रकम लेते ही बाबू को दबोच लिया। कार्रवाई गुरुवार दोपहर करीब दो बजे सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित सिंचाई विभाग कार्यालय में हुई। एंटी करप्शन टीम पहले से ही ट्रैप की तैयारी में थी। शिकायतकर्ता भूप सिंह के जरिए आरोपी तक रिश्वत की रकम पहुंचाई गई। जैसे ही आशीष माथुर ने 6 हजार रुपए लिए, टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। अचानक हुई कार्रवाई से विभागीय कार्यालय में खलबली मच गई। तीन महीने से जीपीएफ के लिए काट रहे थे चक्कर भूप सिंह जून में विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें अपने जीपीएफ की करीब 3 लाख रुपए की रकम निकलवानी थी। आरोप है कि इसके लिए वह लगातार विभागीय कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। जीपीएफ से जुड़ा काम चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए देखने वाले आशीष माथुर के स्तर पर था। आरोप है कि काम आगे बढ़ाने और भुगतान कराने के नाम पर उनसे लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी। भूप सिंह का आरोप है कि कई बार कार्यालय आने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। तीन महीने तक चक्कर लगाने के बाद भी जब रिश्वत की मांग जारी रही तो उन्होंने एंटी करप्शन टीम का सहारा लिया। शिकायत के बाद टीम ने मामले की पड़ताल की और ट्रैप की कार्रवाई की तैयारी की। शिकायत से ट्रैप तक ऐसे पहुंची टीम भूप सिंह की शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। गुरुवार को शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम के साथ सिंचाई विभाग कार्यालय भेजा गया। टीम भी आसपास मौजूद रही। जैसे ही आरोपी बाबू ने 6 हजार रुपए लिए, टीम ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को कार्यालय से अलग ले जाकर पूछताछ शुरू की गई। टीम अब रिश्वत की रकम, शिकायत से जुड़े दस्तावेज और आरोपी की भूमिका से संबंधित अन्य तथ्यों की पड़ताल कर रही है। जांच का दायरा इस बात तक भी बढ़ाया जा सकता है कि क्या इसी तरह अन्य कर्मचारियों से भी किसी काम के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। सिविल लाइंस थाने में एफआईआर की तैयारी आरोपी की गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम की ओर से आवश्यक लिखापढ़ी की कार्रवाई की जा रही है। उसके खिलाफ सिविल लाइंस थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है। इसके बाद मामले की विवेचना में रिश्वत मांगने और लेने से जुड़े आरोपों के साथ अन्य तथ्यों की भी जांच होगी। एंटी करप्शन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि टीम ने शिकायत के आधार पर ट्रैप की कार्रवाई की है। आरोपी से पूछताछ और लिखापढ़ी की जा रही है। मुकदमा दर्ज कराने के बाद विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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