नया फोन खरीदने में देरी न करें, मेमोरी चिप्स की कमी से और महंगे होंगे स्मार्टफोन
देश में स्मार्टफोन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आने वाले समय में इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है। मेमोरी चिप्स की कमी के साथ अब अन्य इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट जैसे मुद्रित परिपथ बोर्ड, कांच और फोल्डेबल सामग्री भी महंगे हो रहे हैं। इससे मोबाइल निर्माण लागत बढ़ रही है और कंपनियां दाम बढ़ाने को मजबूर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में स्मार्टफोन और भी महंगे हो सकते हैं।देश में स्मार्टफोन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आने वाले समय में इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है। मेमोरी चिप्स की कमी के साथ अब अन्य इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट जैसे मुद्रित परिपथ बोर्ड, कांच और फोल्डेबल सामग्री भी महंगे हो रहे हैं। इससे मोबाइल निर्माण लागत बढ़ रही है और कंपनियां दाम बढ़ाने को मजबूर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में स्मार्टफोन और भी महंगे हो सकते हैं।
दि राइजिंग न्यूज डेस्क | 30 अप्रैल 2026 ।
स्मार्टफोन की कीमतों में फिर बढ़ोतरी का संकेत
पिछले कुछ महीनों से देश में स्मार्टफोन की कीमतों में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में बिकने वाले लगभग अस्सी स्मार्टफोन मॉडल्स के दाम पहले ही बढ़ चुके हैं। इससे साफ है कि बाजार में महंगेपन का दबाव लगातार बना हुआ है। ग्राहकों को निकट भविष्य में राहत मिलने की संभावना बहुत कम दिखाई दे रही है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में कीमतें और भी बढ़ सकती हैं।
मेमोरी चिप्स की कमी बनी बड़ी समस्या
स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ोतरी की शुरुआत मेमोरी चिप्स की कमी से हुई थी। वैश्विक स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डेटा केंद्रों की मांग बढ़ने से चिप उत्पादन का बड़ा हिस्सा वहां चला गया है। इसके कारण मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए चिप्स की उपलब्धता कम हो गई है। इस कमी ने सीधे तौर पर उत्पादन लागत को बढ़ा दिया है और इसका असर अंतिम कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
अब अन्य उपकरणों की कीमतें भी बढ़ीं
अब केवल मेमोरी चिप्स ही नहीं, बल्कि अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों की कीमतें भी तेजी से बढ़ रही हैं। मुद्रित परिपथ बोर्ड, तांबे की पतली परतें और कांच जैसे घटकों की लागत में भी वृद्धि देखी जा रही है। इसके साथ ही फोल्डेबल स्क्रीन में इस्तेमाल होने वाली विशेष सामग्री भी महंगी हो गई है। इन सभी बढ़ती लागतों का सीधा असर स्मार्टफोन की अंतिम कीमतों पर पड़ रहा है।
कंपनियों पर बढ़ता आर्थिक दबाव
स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों के सामने अब लागत का बड़ा दबाव बन गया है। पहले से ही कच्चे माल की कमी से जूझ रही कंपनियों को अब अधिक कीमत पर सामग्री खरीदनी पड़ रही है। इससे उत्पादन लागत लगातार बढ़ती जा रही है और लाभ पर असर पड़ रहा है। इसी कारण कई कंपनियां मजबूरी में अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ा रही हैं।
लॉन्च के बाद भी बढ़ रही कीमतें
पिछले कुछ समय में बाजार में एक नया रुझान देखने को मिला है। अब नए लॉन्च होने वाले स्मार्टफोन पहले से ही अधिक कीमत पर पेश किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, पहले से लॉन्च किए गए कई मॉडल्स की कीमतें भी बढ़ाई जा रही हैं। इससे ग्राहकों को वही फोन अब पहले से अधिक कीमत देकर खरीदना पड़ रहा है, जिससे खरीदारी पर सीधा असर पड़ा है।
कई बड़े ब्रांड्स ने बढ़ाई कीमतें
सैमसंग, वनप्लस और वीवो जैसी बड़ी कंपनियों ने अपने कई स्मार्टफोन मॉडलों की कीमतों में वृद्धि की है। कुछ मॉडल्स में हजारों रुपये तक का इजाफा देखा गया है। इस बदलाव का असर पूरे बाजार पर पड़ा है और प्रतिस्पर्धा के बावजूद कीमतें कम नहीं हो पा रही हैं। इसका सीधा असर मध्यम वर्गीय ग्राहकों की खरीद क्षमता पर पड़ रहा है।
आने वाले समय में और महंगे हो सकते हैं फोन
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में स्थिति में सुधार की संभावना कम है। मांग और आपूर्ति के बीच असंतुलन बना रहने से कीमतों में और वृद्धि हो सकती है। आने वाले महीनों में स्मार्टफोन और भी महंगे हो सकते हैं। इसी कारण बाजार में जल्द खरीदारी करने की स्थिति बनती दिखाई दे रही है।