संभल में 3-दिन की बारिश के बाद सुबह-रात सुहाना मौसम:बुखार के मरीज बढ़े, जिला अस्पताल में 62 भर्ती; ईख में लगा कीड़ा
संभल में लगातार तीन दिन हुई बारिश के बाद मौसम का मिजाज बदल गया है। गुरुवार को सुबह धूप निकलने के बाद दिन में गर्मी बढ़ी, लेकिन सुबह और रात के समय मौसम सुहावना बना हुआ है। सुबह तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा, जबकि सुबह 9 बजे पूरे जनपद का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 177 तक पहुंच गया। बारिश के बाद पिछले दिनों यूपी के कई शहरों में कोहरे जैसी चादर छाने से विजिबिलिटी कम हो गई थी, लेकिन फिलहाल संभल में मौसम सामान्य है। गंगा किनारे की तहसील गुन्नौर क्षेत्र में जनपद के मुकाबले तापमान में करीब एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। बीते मंगलवार और बुधवार की तुलना में तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। दिन में मौसम साफ रहने का अनुमान है, जबकि शाम के बाद हल्के बादल छा सकते हैं। 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। हवाओं के चलते सुबह और रात के समय मौसम में ठंडक महसूस हो रही है। बुखार के मरीज बढ़े, जिला अस्पताल में 62 भर्ती मौसम में अचानक बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई दे रहा है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेंद्र सैनी के अनुसार इस समय 62 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। बुधवार को जिला अस्पताल में 987 मरीजों के पर्चे बनाए गए थे। इनमें 200 से अधिक मरीज बुखार से पीड़ित पाए गए। सीएमएस ने बताया कि अधिक संक्रमण वाले मरीजों की ब्लड जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के बाद ही उनका उपचार शुरू किया जा रहा है। सामान्य से 82% ज्यादा बारिश, 1167.9 MM दर्ज संभल में इस मानसून सीजन में सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज हुई है। 1 जून से 30 सितंबर तक जिले में कुल 1167.9 मिलीमीटर बारिश हुई। सामान्य स्थिति में इस अवधि में 646.1 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। इसके मुकाबले इस साल 82 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। पिछले साल की तुलना में भी इस वर्ष बारिश 16.8 प्रतिशत अधिक हुई है। लगातार हुई बारिश का असर अब खेतों में खड़ी फसलों पर दिखाई दे रहा है। धान की उपज आधी हुई, ईख और दूसरी फसलों को नुकसान बारिश से धान, बाजरा, ईख और उड़द की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान बताया जा रहा है। किसानों के अनुसार बारिश से पहले खेतों में धान की फसल कटाई के लिए तैयार खड़ी थी। एक बीघा खेत से करीब 6 क्विंटल तक धान निकलने की उम्मीद थी, लेकिन बारिश के बाद उत्पादन घटकर करीब 3 क्विंटल रहने की बात कही जा रही है। खेतों में बारिश का पानी भरने से ईख की फसल भी प्रभावित हुई है। पानी भरे रहने के कारण ईख में कीड़ा लगने की समस्या सामने आ रही है। किसानों का कहना है कि लगातार बारिश से तैयार फसलों को नुकसान पहुंचने के साथ उनकी पैदावार पर भी सीधा असर पड़ा है।
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