सोने की उधारी चुकाने के बजाय बना दिया फर्जी बिल:सहारनपुर के ज्वैलर्स से 24.25 लाख की उधारी में 15.65 लाख बाकी, अमृतसर के कारोबारी ने बनाया फर्जी बिल
सहारनपुर के सर्राफा बाजार स्थित विश्वास ज्वैलर्स से अमृतसर के कारोबारी द्वारा करीब 24.25 लाख रुपए की सोने की ज्वैलरी उधार लेने और भुगतान नहीं करने का मामला सामने आया है। ज्वैलर्स के पार्टनर अमित कुमार मित्तल की शिकायत पर कोतवाली नगर पुलिस ने अमृतसर के वीर ज्वैलर्स और उसके प्रोपराइटर वीर सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कारोबारी पर बकाया रकम हड़पने के लिए फर्जी बिल तैयार करने, धोखाधड़ी करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। अमित कुमार मित्तल के अनुसार, उनकी फर्म विश्वास ज्वैलर्स सोने-चांदी और डायमंड के आभूषणों का थोक और फुटकर कारोबार करती है। अमृतसर के वीर ज्वैलर्स से उनकी फर्म के करीब तीन-चार साल से कारोबारी संबंध थे। इसी वजह से वीर सिंह का उनकी दुकान पर आना-जाना था। 19 मार्च 2025 को 282.424 ग्राम सोने की ज्वैलरी ली शिकायत के मुताबिक, 19 मार्च 2025 की शाम वीर सिंह विश्वास ज्वैलर्स की दुकान पर आया था। उसने 22 कैरेट सोने की 282.424 ग्राम ज्वैलरी पसंद की। उस समय सोने का रेट 8,339.69 रुपए प्रति ग्राम था। ज्वैलरी की कीमत 23,55,328.61 रुपए और आईजीएसटी जोड़कर कुल रकम 24,25,988.47 रुपए थी। वीर सिंह ज्वैलरी उधार लेकर गया और 15 से 20 दिन में पूरी रकम चुकाने का भरोसा दिया। इस संबंध में 19 मार्च 2025 का बिल भी दिया गया था। 8.60 लाख रुपए ही किए जमा शिकायतकर्ता के मुताबिक, तय समय पर पूरी रकम का भुगतान नहीं हुआ। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में यूपीआई के जरिए 2 लाख, 4.15 लाख, 1.45 लाख और 1 लाख रुपए का भुगतान किया गया। इस तरह कुल 8.60 लाख रुपए ही मिले। इसके बाद 15,65,988 रुपए बकाया रह गए। अमित के अनुसार, उन्होंने कई बार वीर सिंह से बकाया रकम मांगी। हर बार जल्द भुगतान करने की बात कहकर मामला टाला जाता रहा। इस दौरान सोने के दाम भी काफी बढ़ गए। शिकायत में कहा गया है कि अमित ने बढ़ती कीमतों के कारण हो रहे नुकसान की जानकारी भी वीर सिंह को दी थी। आरोप है कि वीर सिंह ने बकाया रकम के साथ सोने की कीमत बढ़ने से हुए अंतर की रकम भी देने की बात कही, लेकिन बाद में फोन उठाना बंद कर दिया और नंबर ब्लॉक कर दिया। बकाया रकम के बराबर का दूसरा बिल भेजने का आरोप अमित के मुताबिक उन्होंने 23 अप्रैल 2026 को अधिवक्ता के माध्यम से वीर ज्वैलर्स को कानूनी नोटिस भेजकर बकाया रकम की मांग की। नोटिस व्हाट्सऐप पर भी भेजा गया। शिकायत के अनुसार उसी दिन शाम 5:26 बजे वीर ज्वैलर्स की ओर से अधिवक्ता के मोबाइल नंबर पर एक दस्तावेज भेजा गया। अमित का आरोप है कि दस्तावेज में 17 अप्रैल 2026 की इनवॉइस संख्या 149 थी। इसमें विश्वास ज्वैलर्स को 187.77 ग्राम 22 कैरेट सोने की ज्वैलरी 15,65,988 रुपए में उधार खरीदना दिखाया गया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि न तो वह और न ही उनकी फर्म का कोई अधिकृत व्यक्ति 17 अप्रैल को अमृतसर गया था और न ही उन्होंने ऐसी कोई ज्वैलरी खरीदी थी। हस्ताक्षर नहीं होने और जीएसटी क्लेम नहीं लेने का हवाला शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस बिल को बकाया 15.65 लाख रुपए की रकम को खत्म दिखाने के लिए तैयार किया गया। अमित का कहना है कि बिल पर उनके या फर्म के अधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर भी नहीं हैं। साथ ही इस खरीद का कोई जीएसटी क्लेम भी उनकी फर्म ने नहीं लिया। शिकायतकर्ता ने इसे कूटरचना कर तैयार किया गया फर्जी बिल बताया है। इसके बाद वीर सिंह की ओर से अमित के बेटे के मोबाइल नंबर पर भी कथित तौर पर मैसेज और वॉयस मैसेज भेजे गए। शिकायत में कहा गया है कि इन संदेशों के जरिए बकाया रकम का भुगतान हो जाने की बात कही गई। अमित ने आरोप लगाया कि ऐसा झूठा साक्ष्य तैयार करने के उद्देश्य से किया गया। अमृतसर आने पर जान से मारने की धमकी का आरोप शिकायत में वीर सिंह पर फोन पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। अमित के मुताबिक बकाया रकम मांगने पर वीर सिंह ने कथित तौर पर कहा कि अगर वह अमृतसर आया तो जिंदा नहीं बचेगा और उसकी डेड बॉडी भी घरवालों को नहीं मिलेगी। अमित ने शिकायत में यह भी कहा है कि कारोबार के दौरान बकाया रकम का भुगतान सामान्य तौर पर बैंकिंग माध्यम से किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने रकम हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर वीर ज्वैलर्स और उसके प्रोपराइटर वीर सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, ज्वैलरी की खरीद-बिक्री के दस्तावेज, बैंक और यूपीआई लेन-देन तथा कथित इनवॉइस की जांच कर रही है।
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