सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष पर SC-ST एक्ट में FIR:हरदोई की जिपं अध्यक्ष पर की थी टिप्पणी, सहयोगी दलों का नाम भी शामिल, कांग्रेस नेता भड़के
हरदोई जनपद में समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शराफत अली द्वारा हरदोई की जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती पर की गई कथित जातिसूचक एवं अपमानजनक टिप्पणी के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है, जिससे जिले में सियासत गरमा गई है। यह रिपोर्ट संडीला निवासी भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिला संयोजक रवि वाल्मीकि की तहरीर पर गुरुवार की रात 9:02 पर दर्ज की गई है। इस मामले में अन्य सहयोगी दल को भी आरोपी बनाया गया है, लेकिन किसी दल का नाम स्पष्ट न करने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम पांडे ने हरदोई पुलिस से पूछा है कि नाम स्पष्ट करें अन्यथा वह घेराव करेंगे। मामले की शुरुआत गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र में आयोजित पीडीए जन चौपाल से हुई, जहां सपा नेता फूलचंद वर्मा के कार्यक्रम में निवर्तमान जिलाध्यक्ष शराफत अली ने विवादित बयान दिया था। वायरल वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर टिप्पणी की थी कि अगर नेताजी ने आरक्षण व्यवस्था में संशोधन न किया होता, तो धोबी जाति की महिला जो आज जिला पंचायत अध्यक्ष बनी बैठी हैं, वे आज कपड़े धो रही होतीं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिला संयोजक रवि बाल्मिकि की तहरीर पर कोतवाली शहर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उन्हें अपनी धोबी जाति पर गर्व है और शराफत अली मानसिक रूप से विक्षिप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह बयान न केवल उनका बल्कि संपूर्ण दलित समाज और महिला गरिमा का अपमान है। वहीं, विवाद बढ़ने पर सफाई देते हुए शराफत अली ने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया था और उनका मकसद आरक्षण व्यवस्था की तारीफ करना था। घटना से आक्रोशित भाजपा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार दोपहर निरीक्षण भवन के सामने शराफत अली का पुतला फूंका। इस दौरान महिलाओं ने लाठी-डंडों से पुतले की पिटाई की तथा सपा प्रमुख अखिलेश यादव एवं शराफत अली के खिलाफ जमकर मुर्दाबाद के नारे लगाए थे।
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