चीनी हुई महंगी, #चीनीकेदामने बदले आयात के नियम
चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने कच्ची चीनी के आयात से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। अब आयातकों को प्रवेश पत्र दाखिल करने की तारीख से दो महीने के भीतर कच्ची चीनी को परिष्कृत करके घरेलू बाजार में बेचना होगा। एक महीने में चीनी की खुदरा कीमत 48.18 रुपये से बढ़कर 55.70 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।
दि राइजिंग न्यूज | नई दिल्ली | 25 अगस्त 2026
देशभर में चीनी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 20 जुलाई को चीनी की खुदरा कीमत 48.18 रुपये प्रति किलोग्राम थी। 20 अगस्त तक यही कीमत बढ़कर 55.70 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इस तरह एक महीने में चीनी की कीमत 7.52 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ गई।बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने कच्ची चीनी के आयात से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। सरकार ने शुल्क दर कोटा के तहत आयात की जाने वाली कच्ची चीनी की बिक्री को लेकर नई समय सीमा तय की है। अब आयात की गई प्रत्येक खेप के लिए अलग समय सीमा लागू होगी, जिससे आयातकों को निर्धारित अवधि के भीतर चीनी को साफ करके घरेलू बाजार में उतारना होगा।
क्या बदले कच्ची चीनी के आयात के नियम?
सरकार के नए आदेश के अनुसार आयातक को प्रवेश पत्र दाखिल करने की तारीख से दो महीने के भीतर कच्ची चीनी को परिष्कृत करके सफेद चीनी के रूप में घरेलू बाजार में बेचना होगा। पहले आयात की गई कच्ची चीनी को बेचने के लिए 31 अक्टूबर 2026 की एक समान अंतिम तारीख निर्धारित थी। अब यह व्यवस्था बदल दी गई है और प्रत्येक आयातित खेप के हिसाब से दो महीने की समय सीमा तय होगी।सरकार ने शुल्क दर कोटा के तहत आने वाली 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के आयात से जुड़े नियमों में यह बदलाव किया है। इसका उद्देश्य आयात की गई कच्ची चीनी को लंबे समय तक रोककर रखने के बजाय निर्धारित अवधि में घरेलू बाजार तक पहुंचाना है। माना जा रहा है कि इस व्यवस्था से बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
एक महीने में कितनी बढ़ी चीनी की कीमत
मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 20 जुलाई को देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत 48.18 रुपये प्रति किलोग्राम थी। 20 अगस्त तक यह बढ़कर 55.70 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। यानी केवल एक महीने में चीनी की कीमत में 7.52 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है।इस हिसाब से चीनी की कीमत में लगभग 15.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। रोजमर्रा की जरूरत में शामिल होने के कारण चीनी के दाम बढ़ने का सीधा असर आम परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ सकता है। सरकार द्वारा आयात नियमों में किया गया बदलाव ऐसे समय में आया है जब बाजार में चीनी की कीमतों को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है।
सरकार के फैसले का क्या असर हो सकता है?
नए नियमों के तहत आयात की गई कच्ची चीनी को दो महीने के भीतर परिष्कृत कर घरेलू बाजार में बेचने की बाध्यता से बाजार में आपूर्ति बढ़ाने में सहायता मिल सकती है। इससे आयातित चीनी के लंबे समय तक भंडारण पर रोक लगाने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, चीनी की खुदरा कीमतों पर इसका वास्तविक असर बाजार में आपूर्ति और मांग की स्थिति पर निर्भर करेगा।सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब एक महीने के भीतर चीनी के खुदरा दाम में 15 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ने और कीमतों पर इसका प्रभाव कितना पड़ता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
महत्वपूर्ण बिंदु
- चीनी की खुदरा कीमत 20 जुलाई को 48.18 रुपये प्रति किलोग्राम थी।
- 20 अगस्त तक कीमत बढ़कर 55.70 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।
- एक महीने में चीनी के दाम में 7.52 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई।
- कीमतों में लगभग 15.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
- कच्ची चीनी के आयात के लिए नई दो महीने की समय सीमा लागू की गई है।
- शुल्क दर कोटा के तहत 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के आयात से जुड़े नियम बदले गए हैं।
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