सुल्तानपुर बंदियों को आत्महत्या नहीं करने की दिलवाई गई शपथ:पेड़ों की हुई छटाई-कंटीले तार लपेटे गए, 5 दिन पहले कैदी ने लगाया था फांसी
सुल्तानपुर के अमहट स्थित जिला जेल में बंदी की मौत की घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और न्यायिक अधिकारियों ने सतर्कता बढ़ाई है। जेल परिसर में लगे पेड़ों की छंटाई कराई गई है। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा की दृष्टि से कुछ पेड़ों पर कंटीले तार भी लगाए गए हैं। इसके साथ ही जिला जज और एसपी ने जेल पहुंचकर बंदियों को आत्महत्या जैसी घटना नहीं करने की शपथ दिलाई। कोतवाली नगर क्षेत्र के अमहट जेल में बीते सोमवार को बैरक नंबर-2 में बंद एक कैदी की मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार, अपहरण, छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के मामले में बंद अमित कुमार उर्फ बड्डे यादव (21) ने बैरक नंबर-3 के पीछे स्थित पेड़ पर फंदा लगाकर जान दे दी थी। वह बाराबंकी जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र के अहिरन का पुरवा मजरे सुबेहा का रहने वाला था। उसे अमेठी के जगदीशपुर थाने की पुलिस ने 31 अगस्त को गिरफ्तार किया था। परिजनों ने अंतिम संस्कार से किया था इनकार घटना के बाद बुधवार को परिजन शव लेकर पैतृक गांव पहुंचे थे। वहां उन्होंने हत्या का आरोप लगाते हुए अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। बाद में पुलिस की ओर से समझाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। अप्रैल में भी जेल में बंदी ने की थी आत्महत्या सुल्तानपुर जेल में इससे पहले भी बंदी की आत्महत्या का मामला सामने आ चुका है। 6-7 अप्रैल 2026 की दरमियानी रात धनपतगंज के चरथई निवासी नत्थू कोरी (47) ने जेल के शौचालय में प्लास्टिक की रस्सी से फंदा लगाकर जान दे दी थी। नत्थू अपनी पत्नी की हत्या के मामले में जेल में बंद था। सितंबर 2025 में पेड़ से लटककर युवक ने दी थी जान 23 सितंबर 2025 को भी कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के अल्देमऊ नूरपुर निवासी मोहम्मद सुभान (21) की जेल में मौत हुई थी। पुलिस के अनुसार, उसने आम के पेड़ से फंदा लगाकर जान दी थी। सुभान को चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। घटना वाले दिन उसकी पत्नी उससे मिलने जेल आई थी और मुलाकात के बाद शाम को उसकी मौत की सूचना सामने आई। पेड़ों की छंटाई और कंटीले तार लगाने का दावा कुछ महीनों के अंतराल में जेल में बंदियों की आत्महत्या की घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों ने गंभीरता दिखाई है। गुरुवार को जिला जज और एसपी जेल पहुंचे और बंदियों को ऐसी घटनाओं से दूर रहने की शपथ दिलाई। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा के मद्देनजर जेल परिसर में लगे पेड़ों की छंटाई कराई गई है और उन पर कंटीले तार भी लगवाए गए हैं, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने में मदद मिल सके।
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