तालानगरी को मिलेगा देश का पहला लॉक म्यूजियम:अलीगढ़ में 37 करोड़ से बनेगा लॉक म्यूजियम: 4000 करोड़ की इंडस्ट्री को मिलेगा ग्लोबल शोकेस
ताला और तालीम के शहर अलीगढ़ की पहचान अब देश के पहले लॉक म्यूजियम से होगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत 37 करोड़ रुपए की लागत से लॉक म्यूजियम एवं अर्बन कल्चरल सेंटर बनाने को मंजूरी दे दी है। परियोजना की 10 करोड़ 23 लाख 83 हजार 144 रुपए की पहली किस्त भी जारी हो चुकी है। करीब 4000 करोड़ रुपए की लॉक इंडस्ट्री के बीच बनने वाला यह म्यूजियम शहर के 100 साल पुराने ताला कारोबार को इतिहास से निकालकर आधुनिक तकनीक, पर्यटन, कारोबार और रोजगार से जोड़ने का प्लेटफॉर्म बनेगा।
म्यूजियम जवाहर भवन के सामने राजा महेंद्र प्रताप पार्क के किनारे प्रस्तावित जमीन पर बनेगा। गुरुवार को नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने सिविल इंजीनियर और अर्बन प्लानर की टीम के साथ स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों को तत्काल आगे की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। अनुभवी कंसल्टेंट से डीपीआर तैयार होगी, बेहतर डिजाइन फाइनल कर शासन को भेजा जाएगा। इसके बाद निर्माण शुरू होगा। नगर आयुक्त के मुताबिक 6-7 माह में काम शुरू होने की संभावना है।
100 साल का ताला कारोबार, अब दुनिया के सामने
म्यूजियम में अलीगढ़ के ताला उद्योग की यात्रा को पुराने दौर से आधुनिक साइबर सिक्योरिटी तक दिखाया जाएगा। यहां वैदिक काल के तालों से लेकर स्मार्ट लॉक, बायोमेट्रिक, फेस रिकॉग्निशन और साइबर लॉक तक की तकनीक एक ही जगह देखने को मिलेगी। प्राचीन ताला निर्माण कार्यशाला का प्रतिरूप, औपनिवेशिक दौर के व्यापार और निर्यात की प्रदर्शनी, मैकेनिकल म्यूरल, मीडिया टनल और डिजिटल ओरिएंटेशन डोम भी इसका हिस्सा होंगे।
जेवर से आए विदेशी खरीदार, अलीगढ़ के लॉक से होंगे रूबरू
म्यूजियम को अलीगढ़ की करीब 4000 करोड़ रुपए की लॉक इंडस्ट्री का ग्लोबल शोकेस बनाने की तैयारी है। नगर निगम हैरिसन, गोदरेज, लिंक लॉक जैसी कंपनियों से संबंध स्थापित करेगा और उनके उत्पादों के लिए अलग गैलरी विकसित की जाएगी। जेवर एयरपोर्ट से अलीगढ़ आने वाले विदेशी खरीदार और उद्यमी यहां शहर के ताला उद्योग, तकनीक और उत्पादों को एक ही जगह देख सकेंगे। इससे स्थानीय कारोबारियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और नए बाजारों तक पहुंच बनाने का मंच मिलने की उम्मीद है।
म्यूजियम में लॉक ही नहीं, पूरा अनुभव
परिसर में की-होल एंट्री, विशाल लॉक स्कल्पचर, विश वॉल, की-एनग्रेविंग स्टेशन, काइनेटिक लॉक स्कल्पचर और डिजिटल गतिविधियां होंगी। बच्चों के लिए किड्स जोन और आगंतुकों के लिए थीम आधारित कैफे-रेस्टोरेंट भी प्रस्तावित है। अलीगढ़ के पारंपरिक कारीगरों की जीवनगाथा, लोककथाओं, भारतीय सिनेमा और सांस्कृतिक परंपराओं को भी विशेष दीर्घाओं में जगह दी जाएगी। यानी म्यूजियम में इतिहास + उद्योग + तकनीक + कला + पर्यटन एक साथ नजर आएगा।
एक साल की मेहनत के बाद खुला रास्ता
लॉक म्यूजियम का प्रस्ताव जून 2025 में शासन को भेजा गया था। नगर आयुक्त ने शासन के समक्ष कई बार परियोजना का प्रस्तुतिकरण किया। करीब एक साल से अधिक की कवायद के बाद 30 सितंबर 2026 के शासनादेश से परियोजना को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिली। कुल 37 करोड़ रुपए में से 35 प्रतिशत यानी 10.23 करोड़ रुपए पहली किस्त के रूप में जारी किए गए हैं। निर्माण शासन के तकनीकी और गुणवत्ता मानकों के अनुसार कराया जाएगा। यह परियोजना अलीगढ़ की ऐतिहासिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देगी।-कोल विधायक अनिल पाराशर लॉक म्यूजियम पुराने ताला उद्योग को उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने का माध्यम बनेगा।- नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा लॉक म्यूजियम से अलीगढ़ की करीब 100 साल पुरानी औद्योगिक विरासत को आधुनिक स्वरूप में दुनिया के सामने रखने का अवसर मिलेगा।-सांसद सतीश गौतम म्यूजियम अलीगढ़ के उद्योग को नई दिशा देगा और देश-विदेश से आने वाले लोगों के जरिए शहर की पहचान बढ़ेगी।-महापौर प्रशांत सिंघल
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