ठगों को बैंक खाते बेचने वाला शातिर बरेली में दबोचा:दिल्ली के साइबर गिरोह को कमीशन पर उपलब्ध कराता था खाते, मोबाइल और अहम दस्तावेज बरामद
बरेली साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगों को बैंक खाते, एटीएम और चेकबुक मुहैया कराने वाले एक शातिर को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी दिल्ली के बड़े साइबर गिरोह को कमीशन के बदले खाते और सिम कार्ड बेचता था। आरोपी के पास से बरामद मोबाइल और खातों की कड़ियों की जब नेशनल समन्वय पोर्टल पर जांच की गई, तो पता चला कि इन खातों से दिल्ली और तमिलनाडु में ऑनलाइन ठगी की बड़ी वारदातें की जा चुकी हैं। वीरांगना चौक के पास घेराबंदी कर पकड़ा
एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश और क्राइम ब्रांच के पर्यवेक्षण में साइबर थाना पुलिस की टीम गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि बरेली कैंट स्थित वीरांगना चौक के पास एक संदिग्ध व्यक्ति मौजूद है, जो किसी से बैंक खातों और कमीशन के लेन-देन को लेकर सौदेबाजी कर रहा है। उपनिरीक्षक कपिल राघव और उनकी टीम ने मौके पर घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम जाबिर खान (34 वर्ष), निवासी ग्राम बिछरुइया थाना बिनावर, जनपद बदायूं बताया। मोबाइल में मिलीं कई लोगों की पासबुक और पैन कार्ड की तस्वीरें
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक वीवो कंपनी का मोबाइल बरामद हुआ। प्रारंभिक तकनीकी जांच में उसके मोबाइल के व्हाट्सऐप चैट में बैंक खातों, कमीशन के लेनदेन और कई अज्ञात लोगों के पैन कार्ड, यूपीआई क्यूआर कोड और बैंक पासबुक की तस्वीरें मिलीं। इसके अलावा उसकी जेब से एक पर्ची मिली, जिसमें दो बैंक खाते दर्ज थे। जांच में खुलासा हुआ कि इनमें से एक खाते पर तमिलनाडु और दूसरे पर दिल्ली में साइबर फ्रॉड की एफआईआर दर्ज है। कमीशन के खेल में पहले भी जेल जा चुका है आरोपी
पूछताछ में जाबिर ने कुबूल किया कि वह फर्जी और दूसरे लोगों के बैंक खाते, चेकबुक, एटीएम और एक्टिव सिम कार्ड का जुगाड़ करता था। इसके बाद वह इन्हें दिल्ली के साइबर अपराधियों को मोटी रकम और कमीशन पर सप्लाई करता था। आरोपी पुराना शातिर है और इससे पहले भी कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के साइबर थाने से जेल जा चुका है। बीएनएस और आईटी एक्ट में केस दर्ज
साइबर क्राइम पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा धारा 318(4) बीएनएस और 66डी आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब उन खातों के डिजिटल बैंकिंग ट्रांजेक्शन खंगाल रही है ताकि गिरोह के बाकी सदस्यों तक पहुंचा जा सके। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक धनंजय कुमार पाण्डेय, उपनिरीक्षक कपिल राघव, मुख्य आरक्षी धीरज कुमार, आरक्षी विवेक कुमार और अंकुल सिंह शामिल रहे।
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