उन्नाव में पूर्व विधायक भगवती सिंह का स्मृति दिवस मनाया:देहदान को बताया समाजसेवा की मिसाल, बैसवारा में स्मृति द्वार बनाने की पहल
उन्नाव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पूर्व विधायक स्व. भगवती सिंह विशारद की स्मृति में बुधवार दोपहर तीन बजे उन्नाव कचहरी परिसर में स्मृति दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन रघुकुल परिवार फाउंडेशन, उन्नाव की ओर से किया गया। इस दौरान उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने उनके देहदान को समाजसेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल बताया। जनसेवा और संघर्ष को किया याद कार्यक्रम में भाजपा नेता शशांक शेखर सिंह ‘सनी’ ने कहा कि भगवती सिंह विशारद का जीवन जनसेवा, संघर्ष और समाज के प्रति समर्पण का उदाहरण रहा। उन्होंने जीवनकाल में देहदान का संकल्प लिया था। निधन के बाद उनका शरीर मेडिकल छात्रों के अध्ययन के लिए उपयोग में आया, जिसे उन्होंने समाज के प्रति उनके योगदान का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि समाजसेवा केवल जीवनकाल तक सीमित नहीं रहती। भगवती सिंह विशारद के कार्य और विचार आने वाली पीढ़ियों को सेवा और त्याग की प्रेरणा देते रहेंगे। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। बैसवारा में बनेगा स्मृति द्वार स्मृति दिवस के दौरान भगवती सिंह विशारद की स्मृति को स्थायी रूप देने की पहल भी की गई। शशांक शेखर सिंह ‘सनी’ ने बैसवारा क्षेत्र में उनके नाम से स्मृति द्वार बनवाने पर सहमति जताई। उन्होंने रघुकुल परिवार फाउंडेशन के पदाधिकारियों से उपयुक्त जमीन चिन्हित कर उसकी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। जमीन चिह्नित होने के बाद जिला पंचायत की ओर से स्मृति द्वार का निर्माण कराया जाएगा। नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास प्रस्तावित स्मृति द्वार के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पूर्व विधायक भगवती सिंह विशारद के जीवन, संघर्ष और समाजसेवा की स्मृति को लंबे समय तक जीवित रखने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों और सेवा भाव को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए लोगों की सेवा करने के साथ देहदान का निर्णय लेकर उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश की।
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