उरई में मंडलीय संस्कृत प्रतियोगिता:प्रो. त्रिपाठी बोले- साहित्य, संगीत और कला के बिना व्यक्ति की पहचान अधूरी
जालौन के उरई में श्री आदर्श संस्कृत महाविद्यालय में मंगलवार को मंडलीय संस्कृत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसमें कक्षा छह से परास्नातक स्तर तक यूपी बोर्ड, सीबीएसई, संस्कृत बोर्ड और विभिन्न विश्वविद्यालयों के 50 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने संस्कृत गीत, सामान्य ज्ञान और श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विजेता प्रतिभागियों को शील्ड और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी और विशिष्ट अतिथि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के प्रो. बलभद्र त्रिपाठी रहे। विधायक ने कहा कि जालौन, झांसी और ललितपुर से आए विद्यार्थियों को एक मंच पर देखकर अच्छा लगा। विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम कर अपने क्षेत्र में दक्षता हासिल करनी चाहिए। प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि साहित्य, संगीत और कला के बिना व्यक्ति की पहचान अधूरी रहती है। मंडल संयोजक डॉ. सर्वेश शांडिल्य ने प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए। संस्कृत गीत में झांसी की जागृति थापक प्रथम, कालपी के मयंक द्वितीय और सैदनगर की वैष्णवी तृतीय रहीं। बाल वर्ग सामान्य ज्ञान में उरई के दिव्यांशु प्रथम, अनंत चौहान द्वितीय और लीना तृतीय रहीं। श्लोकान्त्याक्षरी में सक्षम प्रथम, वंशगोपाल द्वितीय और अक्षय शुक्ला तृतीय रहे। युवा वर्ग सामान्य ज्ञान में गांधी कॉलेज की कृतिका गोस्वामी प्रथम, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की मान्या सिंह द्वितीय और आयुष तृतीय रहे। प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगे। निर्णायक मंडल में डॉ. शालिग्राम शास्त्री, डॉ. मोनू मिश्र सहित अन्य विद्वान शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. पूर्णेन्द्र मिश्र ने सभी अतिथियों, निर्णायकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
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