जोजिला सुरंग में भारत ने रचा इतिहास

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित जोजिला सुरंग में अंतिम ब्रेकथ्रू पूरा हो गया है। इस उपलब्धि के साथ श्रीनगर और लद्दाख के बीच सालभर संपर्क का सपना साकार होने के करीब पहुंच गया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने।

जोजिला सुरंग में भारत ने रचा इतिहास

दि राइजिंग न्यूज़ | श्रीनगर | 10 जून 2026

जोजिला सुरंग में ऐतिहासिक उपलब्धि

जम्मू-कश्मीर को लद्दाख से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित जोजिला सुरंग परियोजना ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। सुरंग का अंतिम ब्रेकथ्रू सफलतापूर्वक पूरा हो गया है, जिससे कश्मीर और लद्दाख के बीच सालभर निर्बाध संपर्क स्थापित करने का सपना साकार होने के बेहद करीब पहुंच गया है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा मौजूद रहे।

लद्दाख को मिलेगी सालभर कनेक्टिविटी

जोजिला दर्रा लंबे समय से भारी बर्फबारी और खराब मौसम के कारण सर्दियों में बंद हो जाता था, जिससे लद्दाख का सड़क संपर्क प्रभावित होता था। सुरंग के पूर्ण रूप से शुरू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी और लोगों को पूरे वर्ष आवागमन की सुविधा मिलेगी।  यह परियोजना केवल परिवहन ही नहीं बल्कि क्षेत्रीय विकास और सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।

मनोज सिन्हा ने दी बधाई

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए यह एक महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने परियोजना से जुड़े इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और श्रमिकों की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में किया गया उनका योगदान देश के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती है और इस परियोजना से पूरे क्षेत्र को नया आर्थिक और सामाजिक लाभ मिलेगा।

भारतीय इंजीनियरिंग की बड़ी सफलता

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसे भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग क्षमता का शानदार उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 14 किलोमीटर लंबी यह सुरंग अत्याधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय सुरक्षा मानकों के साथ तैयार की जा रही है। गडकरी ने कहा कि यह परियोजना केवल भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि के रूप में देखी जाएगी।

कठिन परिस्थितियों में पूरा हुआ निर्माण कार्य

जोजिला क्षेत्र समुद्र तल से लगभग तीन हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां निर्माण कार्य के दौरान अत्यधिक ठंड और प्रतिकूल मौसम जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। मंत्री ने बताया कि कई बार तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता था, फिर भी इंजीनियरों, श्रमिकों, डॉक्टरों और परियोजना से जुड़े सभी लोगों ने लगातार मेहनत कर कार्य को आगे बढ़ाया।

अब तेजी से होंगे अंतिम कार्य

ब्रेकथ्रू पूरा होने के बाद अब सुरंग के भीतर सड़क निर्माण, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, अग्नि सुरक्षा प्रणाली और अन्य आधुनिक सुविधाओं को स्थापित करने का काम तेजी से किया जाएगा। परियोजना के पूर्ण होने के बाद यात्रियों को अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा।

रणनीतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण

जोजिला सुरंग का महत्व केवल यातायात तक सीमित नहीं है। यह परियोजना लद्दाख क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला और रक्षा व्यवस्थाओं को भी मजबूत करेगी। सालभर संपर्क बने रहने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में निवेश तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

विकास की नई राह

जोजिला सुरंग को देश की सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच यात्रा अधिक आसान, सुरक्षित और तेज हो जाएगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में पूरे हिमालयी क्षेत्र के विकास की दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और भारत की आधुनिक अवसंरचना क्षमता का प्रतीक बनेगी।