श्रीराम कथा में योगी का बड़ा बयान

लखनऊ में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव के समापन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाज को नकारात्मक शक्तियों के खिलाफ एकजुट रहने का संदेश दिया। उन्होंने भगवान राम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए लैंड जिहाद, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रीय निष्ठा जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी।

श्रीराम कथा में योगी का बड़ा बयान

दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 10 जून 2026

श्रीराम कथा महोत्सव में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने भगवान राम के आदर्शों और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर विस्तार से चर्चा की तथा समाज को नकारात्मक शक्तियों के खिलाफ एकजुट रहने का संदेश दिया।

भगवान राम सभी को जोड़ने वाले

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान राम भारतीय संस्कृति और समाज को जोड़ने वाले आदर्श हैं। उन्होंने कहा कि राम भक्तों ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए लगभग पांच सौ वर्षों तक संघर्ष किया और अंततः यह सपना साकार हुआ। उन्होंने कहा कि भगवान राम का जीवन समाज को एकता समरसता और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देता है।

लैंड जिहाद को लेकर की टिप्पणी

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने लैंड जिहाद के मुद्दे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने रामायण काल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय खर दूषण मारीच और सुबाहु जैसे राक्षस भी इसी प्रकार की गतिविधियों में शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पात्र खाली भूमि पर कब्जा जमाने और अपना वर्चस्व स्थापित करने का प्रयास करते थे। उन्होंने इसे वर्तमान समय की चुनौतियों से जोड़ते हुए समाज को सतर्क रहने की सलाह दी।

नकारात्मक ताकतों से सावधान रहने का आह्वान

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब भी नकारात्मक ताकतों को बढ़ावा मिलता है तब समाज और राष्ट्र को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि ऐसी शक्तियां सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करती हैं और विकास की राह में बाधा बनती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे समाज को कमजोर करने वाली ताकतों के खिलाफ जागरूक और संगठित रहें।

भारत कोई धर्मशाला नहीं

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जो लोग भारत की संस्कृति परंपराओं और राष्ट्रीय मूल्यों का सम्मान नहीं करते उनके लिए भारत की भूमि धर्मशाला नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि देश के प्रति निष्ठा और आस्था प्रत्येक नागरिक का दायित्व है तथा भारत की सभ्यता और संस्कृति का सम्मान किया जाना चाहिए।

रामायण के प्रसंगों का किया उल्लेख

योगी आदित्यनाथ ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों का जिक्र करते हुए कहा कि इतिहास और धार्मिक ग्रंथ वर्तमान समय में भी समाज को मार्गदर्शन देने का काम करते हैं। उन्होंने ताड़का खर दूषण और अन्य पात्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि हर युग में सकारात्मक और नकारात्मक शक्तियों के बीच संघर्ष रहा है और समाज को सदैव सकारात्मक मूल्यों के साथ खड़ा रहना चाहिए।

समाज की एकजुटता पर दिया जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी चुनौती का सामना समाज की एकजुटता और जागरूकता से किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत महात्मा सामाजिक कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रीराम कथा महोत्सव का समापन धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ।