सरकार-सीजेपी वार्ता में दो मांगों पर सहमति, एक पर अब भी अड़चन
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा प्रश्नपत्र लीक को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार और सीजेपी प्रतिनिधियों के बीच लगभग दो घंटे तक बैठक हुई। सीजेपी ने दावा किया कि उनकी तीन प्रमुख मांगों में से दो पर सरकार ने सकारात्मक संकेत दिए हैं, जबकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अभी सहमति नहीं बन सकी। अब इस मुद्दे पर अगली बैठक में आगे की चर्चा होगी।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 24 जुलाई 2026
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को केंद्र सरकार और सीजेपी प्रतिनिधियों के बीच लगभग दो घंटे तक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में छात्र आंदोलन से जुड़े कई प्रमुख विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक समाप्त होने के बाद सीजेपी ने दावा किया कि सरकार ने उनकी तीन मांगों में से दो पर सकारात्मक रुख अपनाया है, जबकि एक प्रमुख मांग पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।सीजेपी प्रतिनिधियों ने बताया कि बैठक में छात्रों के हितों, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर सरकार के सामने विस्तार से अपनी बात रखी गई। सरकार ने कई मुद्दों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर फिलहाल कोई सहमति नहीं बनी। इस विषय पर सरकार ने अतिरिक्त समय मांगा है।
बैठक में रखी गईं तीन प्रमुख मांगें
बैठक के दौरान सीजेपी प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें दोहराईं। पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी। दूसरी मांग प्रश्नपत्र लीक प्रकरण से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की थी। तीसरी मांग आंदोलन में शामिल छात्रों के विरुद्ध दर्ज मामलों को वापस लेने और भविष्य में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न करने की थी।प्रतिनिधियों का कहना है कि इन मांगों का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करना और परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने सरकार से जल्द ठोस निर्णय लेने की अपील भी की।
किन मांगों पर सरकार ने दिखाई सहमति
सीजेपी के अनुसार सरकार ने प्रभावित परिवारों को सहायता देने तथा आंदोलन में शामिल छात्रों के विरुद्ध कार्रवाई न करने के विषय पर सकारात्मक संकेत दिए हैं। प्रतिनिधियों का दावा है कि इन दोनों मांगों पर सरकार का रुख पहले की तुलना में अधिक सकारात्मक रहा।हालांकि इन विषयों पर अभी अंतिम सरकारी घोषणा नहीं हुई है। सरकार ने कहा है कि सभी बिंदुओं पर विचार-विमर्श के बाद औपचारिक निर्णय की जानकारी दी जाएगी।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर बनी रही असहमति
बैठक में सबसे अधिक चर्चा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर हुई। सीजेपी का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सामने आई अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इसी कारण उन्होंने इस्तीफे की मांग दोहराई।सरकार ने इस विषय पर तत्काल सहमति नहीं दी और अपना अंतिम जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि इस मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
अगली बैठक पर टिकी निगाहें
बैठक के बाद सीजेपी प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने अगले दिन फिर से बातचीत का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में सरकार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत सभी लंबित विषयों पर अपना अंतिम पक्ष स्पष्ट करेगी।प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि यदि प्रमुख मांगों पर समाधान नहीं निकला तो देशभर में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन जारी रखा जाएगा। उनका कहना है कि आंदोलन पूरी तरह छात्रों के हित और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।